अलवर
एनएसयूआई ने किया शिक्षा मंत्री का पुतला दहन,
सिलेबस से क्रांतिकारियों के नाम हटाने का लगाया आरोप

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अलवर। शहर के आरआर कॉलेज गेट पर शनिवार को एनएसयूआई के छात्रों ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का पुतला फूंका। छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार इतिहास से छेड़छाड़ कर रही है और कांग्रेस काल के नेताओं तथा क्रांतिकारियों के योगदान को पाठ्यक्रम से हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
एनएसयूआई नेता सतीश पटेल रामगढ़िया ने कहा, “हमने आज शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का पुतला इसलिए जलाया क्योंकि वो लगातार आज़ादी की लड़ाई में योगदान देने वाले कांग्रेस नेताओं और क्रांतिकारियों को किताबों से हटवाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने 6 लाख किताबें वापस मंगवा कर सिलेबस में बदलाव करवाया है, जो बेहद निंदनीय है।”
उन्होंने कहा, “आजादी की लड़ाई में जिनका ऐतिहासिक योगदान रहा, उन्हें हमारी नई पीढ़ी को जानना ज़रूरी है। आज के नौनिहाल अगर यह नहीं पढ़ेंगे कि भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, पंडित नेहरू, महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसे महानायकों ने क्या योगदान दिया, तो उन्हें आज़ादी का मूल्य कैसे पता चलेगा?”
पटेल ने यह भी कहा कि भाजपा आज उन चेहरों को इतिहास में स्थापित करना चाहती है जिनका स्वतंत्रता संग्राम से कोई संबंध नहीं था। “जो पार्टी आज़ादी के समय अस्तित्व में ही नहीं थी, आज वह दिखाना चाहती है कि वही इतिहास की सबसे बड़ी ताकत रही है। लेकिन जनता सब देख रही है और यह सच्चाई नहीं छुपाई जा सकती।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने वापस मंगाई गई किताबों को यथावत बहाल नहीं किया और पुराना सिलेबस नहीं पढ़ाया गया, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा और जगह-जगह शिक्षा मंत्री के पुतले दहन किए जाएंगे।



