बेतुल
बैतूल ई-अटेंडेंस के विरोध में शिक्षकों ने किया प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
रैली निकालकर उठाई शिक्षकों को बीएलओ कार्य से मुक्त करने की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। शिक्षक स्वाभिमान, पुरानी पेंशन, पदोन्नति, समयमान वेतनमान और ई-अटेंडेंस जैसे मुद्दों को लेकर रविवार 13 जुलाई को बैतूल में आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने शिवाजी ऑडिटोरियम से एक विशाल स्वाभिमान रैली निकाली। इस रैली में जिलेभर के ब्लॉक अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, ब्लॉक पदाधिकारी सहित सैकड़ों शिक्षक शामिल हुए। रैली के पश्चात मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें शिक्षक संवर्ग की 13 मांगों का उल्लेख करते हुए शीघ्र निराकरण की मांग की गई।
रैली में शिक्षक नेताओं ने कहा कि शासन-प्रशासन शिक्षकों पर ई-अटेंडेंस का दबाव बना रहा है, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। शिक्षक संवर्ग केवल शिक्षा कार्य में ही नहीं बल्कि चुनाव, आपदा, जनगणना जैसी सेवाओं में भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा है। अब समय आ गया है कि शिक्षकों के स्वाभिमान की रक्षा की जाए और उनकी वर्षों पुरानी मांगों को तुरंत पूरा किया जाए। जिला अध्यक्ष विनय सिंह राठौड़ के नेतृत्व में आयोजित इस रैली में शिक्षकों ने एकमत होकर कहा कि अब केवल ज्ञापन नहीं सशक्त उपस्थिति से अपने हक की आवाज बुलंद की जाएगी। शिवाजी ऑडिटोरियम में दोपहर 1 बजे से शुरू हुए इस आयोजन में शिक्षकों की भारी भीड़ देखी गई। ज्ञापन पत्र अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी राजीव श्रीवास्तव को सौंपा गया। इस मौके पर आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष विनय सिंह राठौड़, प्रांतीय सचिव लक्ष्मी चंद लीलोरे, जिला उपाध्यक्ष राजेश गंगारे, गजेंद्र सोलंकी, ब्लॉक अध्यक्ष आजाद राजपूत, देवेंद्र साकरे, मदन गोहे सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।
– शिक्षकों पर दोषपूर्ण ई-अटेंडेंस प्रणाली लागू न की जाए
ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि शिक्षकों को बीएलओ कार्य से मुक्त किया जाए, शिक्षकों पर दोषपूर्ण ई-अटेंडेंस प्रणाली लागू न की जाए, उन्हें राज्य कर्मचारियों की भांति पहली नियुक्ति से पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिले, आईएफएमएस पोर्टल की नियुक्ति तिथि सुधारी जाए, गुरूजीओ को वरिष्ठता दी जाए, क्रमोन्नति और पदोन्नति के आदेश शीघ्र जारी कर एरियर्स राशि का भुगतान हो। साथ ही, जनजाति कार्य विभाग के शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग में मर्ज करने, अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में शिथिलता लाकर दिवंगत शिक्षकों के परिजनों को पूर्णतः नियुक्ति देने, रुकी हुई हड़ताल अवधि का वेतन भुगतान, कैशलेस मेडिकल क्लेम, ग्रेच्युटी का भुगतान, प्रतिनियुक्त शिक्षकों को उनके विभाग में स्थायी समायोजन सहित चुनाव और आपदा को छोड़कर अन्य गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने की भी मांग की गई।





