झुंझुनू
सूचना केंद्र के जबरन अधिग्रहण मामले में पत्रकार आंदोलन को पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढा का समर्थन
पत्रकारों ने छोड़ा सूचना केंद्र का आधिकारिक ग्रुप सरकारी कार्यक्रमों का किया बहिष्कार

झुंझुनूं के पत्रकारों को मत छेड़ो एडीएम साहब ये ऐसे चेपेंगें आपका तो कुछ नहीं बिगड़ेगा पर सरकार ढूंढने पर भी नहीं मिलेगी …. पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढा
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
झुंझुनूं। सूचना केंद्र के जबरन अधिग्रहण के खिलाफ चल रहे पत्रकारों के आंदोलन को लेकर आज एक बड़ा ब्यान सामने आया। झुंझुनूं पीआरओ कार्यालय परिसर में पहुंचे पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने पत्रकारों के बीच खड़े होकर न केवल खुला समर्थन जताया बल्कि एडीएम को सख्त चेतावनी भी दे डाली। गुढ़ा ने दो टूक शब्दों में कहा कि झुंझुनूं के पत्रकारों को मत छेड़ो ये ऐसे चपेंगे कि आपका तो कुछ बिगड़ेगा नहीं लेकिन सरकार ढूंढने पर भी नहीं मिलेगी। उन्होंने साफ कहा कि सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय का अधिग्रहण बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकारी भवनों की जिले में कोई कमी नहीं है, फिर सूचना केंद्र को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है? उन्होंने चेताया कि यदि अधिग्रहण किया गया तो झुंझुनूं की जनता सड़कों पर उतर जाएगी और बड़ा आंदोलन होगा। उन्होंने पत्रकारों द्वारा सरकारी कार्यक्रमों के बहिष्कार को भी सही कदम बताया और प्रशासन को चेताया कि वक्त रहते संभल जाए।
गुढ़ा ने सरकार से पूछे तीखे सवाल
गुढ़ा यहीं नहीं रुके, उन्होंने झुंझुनूं जिले की उपेक्षा को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झुंझुनूं को डिविजन हेड क्वार्टर नहीं बनाया गया जबकि सीकर को बना दिया गया और अब वहां से भी हटा दिया। झुंझुनूं में पहले गुढ़ा और पौख को नगर पालिका का दर्जा था वो भी छीन लिया गया सीकर-नवलगढ़ रोड़ पर पुलिया आज तक नहीं बनी, जबकि वह महज़ दो महीने का काम था।जिले में एक भी पुलिया नहीं बनी है। स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी झुंझुनूं आ रही थी वो भी चली गई। अब तो तहसीलें भी हटाई जा रही हैं। दो बजट पेश हो चुके, एक और बजट को छोड़ दें तो बाकी दो बजट चुनावी होंगे, उनमें क्या मिलेगा, ये सबको पता है। लेकिन अब तक झुंझुनूं को कुछ नहीं मिला।



