गोड्डा

ईश्वर के भक्त का कोई भी बाल बांका नहीं कर सका: गोविंद शरण 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा : नगर परिषद क्षेत्र के शांतिनगर बजरंगबलि मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया है। कथा केचौथे दिन शुक्रवार को व्यासपीठ से कथाचक गोविंद शरण जी महाराज ने भक्त प्रह्लाद की कथा पर विस्तृत प्रकाश डाला। महाराज गोविंद शरण जी महाराज ने बताया की जीवन मे तीन अध्याय आते है ,पहला ब्रम्हचर्य का पालन करते हुए जीवन बसर करना,दुसरा गृहस्थ आश्रम का पालन करना चाहिए जिसमे बाल बच्चों का विवाह आदि से निर्वाह होकर अंत मे वाम प्रस्त जीवन का निर्वाह करना चाहिए। अगर घर मे भी रहना है तो घर मे ही भजन कीर्तन करते हुए संयासियों का जीवन जीना चाहिए, और सुख दुख को स्वीकार करते हुये मन को शांत चित्त रखते हुए जीवन यापन करना चाहिए।
मनुष्यों का एक मात्र धेय भगवान प्राप्ति ही होना चाहिये।
हिरण्याक्ष बध के बाद भाई हिरण्यकश्यप ने ब्रह्मा से वरदान पाकर विष्णु भगवान को अपना परम शत्रु मान लिया। जबकि उन्हीं के घर में पैदा लेने वाला भक्त प्रह्लाद जैसे बालक का कोई कुछ नहीं कर सक।इस संसार को जब तक देंगे तब तक प्रिय बने रहोगे। ईश्वर के भक्त का कोई भी बाल बांका नहीं कर सका। जब अत्याचार पराकाष्ठा पर पहुंचा तो नरसिंह अवतार लेकर खंभे से प्रकट हुए और भक्त का कल्याण किया। इसी प्रकार मानव को भी ईस्वर की शरण में ही सदेव रहना चाहिये।
मुख्य जजमान के रुप में नित्यानंद शुक्ला सप्नीक एवं राजीव कुमार झा सिंह व पत्नी पूर्णिमा झा ने विधि विधान से पुजन कर के सभी को कथा सुनने को आने का न्यौता दिया।
और महाराज से जन कल्याण हेतू कथा कहने का अनुरोध किया। संगीतमय बनाने के लिए नाल पर गौरीशंकर चौबे व हारिमाेनयम पर योगानंद सिंह संगत कर रहे थे।
कार्यक्रम में पुरोहित के रूप में गौरीशंकर चौबे सहित संजीव कुमार झा, अनुराधा देवी, दिलीप कुमार झा, बेणु चौबे, बब्बु शुक्ला, रंजीत दुबे, मुकेश कुमार, शेखर मंडल सहित समस्त मुहल्ले वासी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button