अमरोहा
रसूल की मोहब्बत तकाजा ए ईनाम- मुफ्ती नाज़िर
तकरीरी प्रोग्राम में उलमाओं ने किया लोगों से खिताब

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
उझारी। हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मोहब्बत सिर्फ ईमान ही नहीं बल्कि तकाजा ए ईनाम भी है।
नगर के मोहल्ला सादात में तकरीरी प्रोग्राम का आयोजन किया गया। जिसका शुभ आरंभ कारी फहीम रजा ने तिलावत ए कलाम पाक से किया। प्रोग्राम को मस्जिद नूरून नबी के इमाम और खतीब हाफिज आरिफ रजा और मदरसा बशीर उल उलूम के प्रिंसिपल कारी आबिद रजा ने भी खिताब फरमाया। मस्जिद कुरैशियान के इमाम और खतीब मुफ्ती नाज़िर रजा ने खिताब फरमाते हुए कहा कि रसूल से मोहब्बत सिर्फ ईमान ही नहीं बल्कि तकाजा ए ईमान है। उन्होंने अपनी बात को समझाते हुए बताया कि जब तक इमाम हुसैन मदीने में रहकर नमाजें अदा कर रहे थे तो वह ईमान था। लेकिन जब कर्बला के मैदान में आकर अपनी गर्दन कटा दी और नमाज़ को बचाया तो यह तकाजा ए ईनाम था। जब हुसैन मदीने में रहकर अपने बच्चों की परवरिश कर रहे थे, तो वह ईमान था। लेकिन जब कर्बला के मैदान में दीन को बचाने के लिए पूरे परिवार को कुर्बान कर दिया तो यह तकाजा ए ईनाम था। प्रोग्राम के बाद सलातो सलाम पढ़ा गया और मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ कराई गई। इस मौके पर खासतौर से निजामुद्दीन सैफी, हाजी रियाजुद्दीन, शहाबुद्दीन सैफी, मैराज अली, इरशाद सलमानी, हाफिज शाकिर, अलाउद्दीन सैफी, मौ० अकरम, कयामुद्दीन, नवाबुद्दीन सैफी, शाकिर मसूदी, मौ० अयान, अब्दुल कादिर, अलकमर सैफी आदि बड़ी संख्या में मौजूद रहे



