मुरादाबाद
बसों के इंतजार में भटकते यात्री, ऑटो-रिक्शा चालक वसूल रहे मनमाना किराया

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
मुरादाबाद। अस्थाई बस अड्डों तक पहुंचने के लिए यात्रियों से वसूले जा रहे दोगुने से भी अधिक रुपये, परिवहन विभाग की व्यवस्था पर उठे सवाल आखिर जनता क्या करे
शहर में रोडवेज बसों के संचालन में हुए बदलाव से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थायी बस अड्डे की जगह अब अस्थाई बस अड्डों से बसों का संचालन किया जा रहा है, जिसकी वजह से बाहर से आने वाले यात्रियों को न केवल भटकना पड़ रहा है, बल्कि उन्हें ऑटो-रिक्शा चालकों की मनमानी का किराया वसूली का भी शिकार होना पड़ रहा है।
रेलवे स्टेशन और पुराने रोडवेज अड्डे पर पहुंचने वाले यात्रियों को अब ट्रांसपोर्ट नगर, प्रेम वंडर लैंड और धर्मपुर शेरूआ जैसे अस्थाई बस अड्डों तक जाना पड़ रहा है। लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए कोई सुगम सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं होने के कारण यात्री निजी ऑटो-रिक्शा पर निर्भर हो रहे हैं, जो हालात का फायदा उठाकर दोगुने से भी ज्यादा किराया वसूल रहे हैं।
किराए की वसूली से यात्री त्रस्त
शिकायतों के अनुसार ट्रांसपोर्ट नगर अस्थाई बस अड्डे तक के लिए ऑटो चालक 80 से 100 रुपये तक वसूल रहे हैं, जबकि सामान्य दिनों में यह किराया 30 से 40 रुपये होता है। वहीं प्रेम वंडर लैंड बस अड्डे तक जाने के लिए 100 से 120 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को हो रही है, जो दूर-दराज से आकर अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लाचार हैं।प्रशासन और विभाग बेखबर है। बदले हुए बस संचालन की सूचना न तो रेलवे स्टेशन पर है और न ही शहर के प्रमुख चौराहों या पुराने बस अड्डे पर। नतीजतन, यात्रियों को जानकारी के अभाव में इधर-उधर भटकना पड़ता है और मजबूरी में उन्हें ओवरचार्ज देना पड़ रहा है। प्रशासन और परिवहन विभाग इस स्थिति पर अब तक चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे जनता में रोष बढ़ता जा रहा है। वहीं कुछ आस पास के शहरों और कस्बों से महानगर में रोज आने वाले यात्रियों को यह अखरने लगा है। उन्होंने रोडवेज प्रबंधन से शहर में अस्थाई बस अड्डों तक पहुंचने के लिए नियमित ई-रिक्शा या सिटी बस सेवा चलाई जाए और ऑटो चालकों पर अंकुश लगाने के लिए किराया निर्धारण किया जाए। इसके साथ ही भ्रामक स्थिति से बचने के लिए यात्रियों को पूर्व जानकारी दिए जाने की बात कही है। यदि प्रशासन ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो यह व्यवस्था आने वाले दिनों में और अधिक संकट पैदा करेगी।



