अमेठी
गाजीपुर में नवीन अस्थाई गोवंश आश्रय संचालित, 13गोवंश संरक्षित किए गए
टीकरमाफी में दो गोशालाओं में संरक्षित किए गए हैं 599गोवंश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी भादर। अवारा गोवंशों की समस्या को दूर करने के लिए गाजीपुर में एक नवीन अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल संचालित हो गया है।इस गोवंश आश्रय स्थल पर 13गोवंश संरक्षित किए जा चुके हैं। गो आश्रय स्थल पर निर्माण कार्य अभी जारी है। इस गो आश्रय स्थल के संचालित होने के बाद विकास खंड भादर में गो आश्रय स्थलों की संख्या 11 और संरक्षित पशुओं की संख्या 1315हो गई है। इसमें से 599गोवंश अकेले टीकरमाफी की दो गोशालाओं में संरक्षित किए गए हैं।टीकरमाफी में स्वामी परमहंस आश्रम के परिसर में अस्थाई गो आश्रय स्थल पहले से ही संचालित था। पिछले वित्तीय वर्ष में यहां एक वृहद गोवंश आश्रय स्थल संचालित हुआ है। यहां संरक्षित पशुओं की संख्या 453है।खाझा,भेंवई, लहना,सिंडी,रतापुर,भागीपुर, संसारीपुर और रायपुर में अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल पहले से ही संचालित हैं। गुरुवार को खंड विकास अधिकारी रतन सिंह ने ग्राम पंचायत अधिकारियों के साथ बर्चुअल बैठक कर मौजूदा स्थिति की जानकारी ली और सभी गोशालाओं में संरक्षित पशुओं को पर्याप्त मात्रा में भूसे के साथ पशु आहार और हरा चारा देने के निर्देश दिए।
कोट
अवारा गोवंशों की समस्या दूर करने के लिए गाजीपुर में एक और अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल संचालित कर दिया गया है। किसान भाई यहां गोवंशो को संरक्षित कर सकते हैं। जो पशुपालन गायों को सुपुर्दगी में लेना चाहते हैं वे ले सकते हैं। सरकार की ओर से प्रोत्साहन धनराशि भी दी जा रही है।
रतन सिंह
खंड विकास अधिकारी, भादर/शाहगढ़


