सिंगरौली

सरई ग्राम रेलवे स्टेशन बना कोलयार्ड, सांस लेना हुआ दुश्वार,

ग्रामीणों में भारी आक्रोश उग्र आंदोलन की चेतावनी

सरई ग्राम में अस्थायी रूप से बने कोलयार्ड से पमरे ने कमाई के तोड़ दिए गत वर्षों के रिकार्ड, पर्यावरण संरक्षण व पर प्रदूषण नियंत्रण के नहीं हो रहे उपाय
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
सिंगरौली। पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर मंडल के अंतर्गत संचालित हो रहे रेलवे स्टेशन सरई के प्लेटफ़ॉर्म नंबर दो कोलयार्ड में तब्दील हो गये हैं। इन स्टेशनों में सांस लेना दुश्वार होता जा रहा है। स्थानीय गांवों तक उड़कर जा रहे कोलडस्ट से सैकड़ों लोग प्रभावित हो रहे हैं। जिसका सहज अंदाजा इन स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर जमी कोयले की मोटी परत से लगाया जा सकता है। करोड़ों की आय अर्जित करने वाले जबलपुर मंडल ने प्रदूषण से बचने किसी प्रकार के उपाय नहीं किए हैं। गत दो-तीन वर्षों में इन स्टेशनों में यात्री सुविधाएं बढ़ाने की बजाय कोल डम्पिंग यार्ड, अनलोडिंग और लोडिंग का कारोबार बढ़ाया गया है। सरई रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म में ही कोयला जमाकर दिया गया था। लोगों के भारी विरोध के बाद भी पमरे ने राजस्व अर्जन के लिए किसी की नहीं सुनी।
गत दिवस पमरे ने बताया कि वित्तीय वर्ष की प्रथम तिमाही में 2278 करोड़ रुपये से अधिक ओरिजिनेटिंग रेवेन्यू अर्जित किया, जिसमें गत वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। इस दिशा में और अधिक राजस्व अर्जित करने के लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं। स्टेशन में कोयला लोडिंग से उड़कर आने वाली धूल से बचाव के लिए भी प्रयास किए जाने चाहिए थे, लेकिन ट्रेन में बैठने के लिए आने वाले यात्री हो या फिर उतरने वाले सभी को प्लेटफार्म में कोयले की मोटी परत से होकर ही जाने की मजबूरी है। सांस लेने में भी कोयले से निकलने वाली खतरनाक गैसें और सीधे कोयला मुंह-नाक में भरने लगता है। रेल यात्रियों और स्थानीय रहवासियों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव से बचाने के प्रयास भी किए जाने चाहिए।
इस स्थानीय निवासी सुनील जायसवाल द्वारा सूचना के अधिकार के तहत माँगी प्राथमिक व प्रथम अपील में जानकारी का जवाब आवेदक द्वारा बताया गया कि सही जानकारी न देने के कारण दूसरी अपील केंद्रीय सूचना आयोग में की गई है।
पहला सवाल 
सरई ग्राम रेलवे स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर 2 का निर्माण कब कराया गया उसका प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराएँ ?
⁠जवाब
उपरोक्त जानकारी इस कार्यालय में उपलब्ध नहीं है ।
दूसरा सवाल
सरई ग्राम रेलवे स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर 2 को कब और किस कारण से बंद किया गया आदेश की प्रति उपलब्ध कराएं ?
जवाब
सरई ग्राम रेलवे स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर 2 को कब बंद कराया गया उपरोक्त जानकारी इस कार्यालय में उपलब्ध नहीं है, बिजली उत्पादन के लिए कोयले की मांग देखते हुए और उपलब्धता बढाने के लिए अस्थाई तौर पर प्लेटफ़ॉर्म नंबर 2 से कोयला लोडिंग का कार्य किया जा रहा है।
तीसरा सवाल
सरई ग्राम प्लेटफ़ॉर्म नंबर 2 में यात्रियों के आवागमन को अवरुद्ध कर कोलयार्ड किस आधार पर किस आदेश से बनाया गया है, उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराएँ ?
जवाब
सरई ग्राम में अप और डाउन दोनों साइड की गाड़ियों को यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्लेटफ़ॉर्म नंबर 1 में लिया जा रहा है. प्रमाणित प्रति इस कार्यालय में उपलब्ध नहीं है।
चौथा सवाल
सरई ग्राम रेलवे स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर 2 में कोल यार्ड के लिए ठेका किस कंपनी किस आधार में दिया गया है आदेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करायें ?
जवाब
इस कार्यालय द्वारा ऐसा कोई ठेका नहीं दिया गया है।
पाँचवा सवाल
सरई ग्राम रेलवे स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर 2 में कोयला डंपिंग एवं लोडिंग हेतु कोल् यार्ड व् कोल परिवहन हेतु स्थानीय निकाय/ग्राम पंचायत का एन.ओ.सी का प्रमाणित प्रति उपलब्ध करायें ?
जवाब
उपरोक्त जानकारी इस कार्यालय में उपलब्ध नहीं है।
छठवाँ सवाल
प्रदुषण के संबंध में कौन-कौन से एन.ओ.सी. ली गई है. उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध करायें ?
जवाब
उपरोक्त जानकारी इस कार्यालय में उपलब्ध नहीं है।
वहीं सुनील कुमार ने कहा कि सिंगरोली से कटनी वाली प्रत्येक मेल, एक्सप्रेस ट्रेन जैसे ही ट्रेन सरई रेलवे स्टेशन से गुजरती है, उससे यात्रियों के बीच प्रदूषण खासा चर्चा का विषय बन जाता है, लेकिन स्थानीय लोग इस प्रकार की दुर्गंध और विषैली गैसों से बड़े बड़े बीमारियों शिकार हो रहे हैं वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष से लेकर विधायक ,सांसद तक मौन, ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि कंपनियों से साँठ गाँठ कर यहाँ के जनताओं के ज़िंदगी के साथ खिलवाड़ कर रही है ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है सरई कोलयार्ड बंद नहीं किया गया तो अगस्त महीने में होगा उग्र आंदोलन ।
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