दो विभागों के चक्र में पिस रही है 17 वार्डाे की जनता

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मेरठ। जल निगम और नगर निगम के बीच कर्तव्यनिर्वहन की लड़ाई के चक्कर में मेरठ जैसे शहर के 17 वार्डों की जनता नरक में जीने को मजबूर है और अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं। जल निगम द्वारा नगर निगम मेरठ को 13 जून को बताया गया कि नगर निगम मेरठ को सीवर लाइन हैंड ओवर की जा चुकी है। उक्त पत्र के जवाब में नगर निगम ने कहा कि वार्ड 29, 44, 47, 54, 56, 58, 65, 66, 67, 69, 70, 71, 72, 73, 78, 79, 80 में निर्मात सीवर लाइन सुचारू रूप से ेक्रियाशील नहीं है। इसलिए उक्त सीवर लाइन की तली झाड़ सफाई कराई जाना एवं नगर निगम अधिकारियों के साथ संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कराया जाना सुनिश्चित करें। इसके बाद कुछ वार्ड में संयुक्त स्थलीय निरीक्षण भी किया गया। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसी समस्या को लेकर आज सर्वदलीय पार्षद दल द्वारा एक पत्र महाप्रबंधक (जल) नगर निगम को दिया गया एवं पत्र की प्रतिलिपि महापौर एवं नगर आयुक्त को भी दी। दोनों विभागों के पत्राचार एवं विवाद में उक्त वार्ड क्षेत्रों की जनता पीड़ित है। वर्तमान में वार्डों के अन्दर चौक हुई सीवर लाइन की सफाई न तो जल निगम कर रहा है न ही नगर निगम का जल कल विभाग कर रहा है। वार्ड क्षेत्रों में जगह-जगह गंदगी है। सीवर उबल रहे हैं। बुरा हाल है। इस कारण क्षेत्रों में गंदे पानी की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। ज्ञापन देने वालों में फ़ज़ल करीम सदस्य कार्यकारिणी, भाई गफ्फार साबिक पार्षद, शाहिद अंसारी, रिज़वान अंसारी, रिहाना अमजद कस्सार, ताहिर अंसारी, रेशमा दिलशाद सैफी, गुड्डी अफजाल चौधरी, महसर गुड्डू अंसारी, शबाना महफूज़ गुड्डू आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।


