बरेली
बरेली नगर निगम में चहेतों को भुगतान कर 100 करोड़ रुपये का किया घपला
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली। नगर निगम में नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को भुगतान किया गया। तीन वर्षों के ऑडिट में सौ करोड़ रुपये से अधिक का घपला सामने आया है। कई मामलों में अनियमित रूप से धन का व्यय दिखाया गया है। स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के ऑडिट की आपत्तियों पर जवाब देने के बजाय जिम्मेदार लीपापोती में जुट गए हैं।वर्ष 2020-21 में हुए ऑडिट में 36 मामलों में 63.73 करोड़ रुपये की अनियमितता सामने आई। वर्ष 2021-22 में निगम के आय-व्यय का फिर ऑडिट हुआ तो उसमें 26 मामलों में 25.46 करोड़ रुपये की हेराफेरी एवं नियम विरुद्ध भुगतान पाया गया। मामला यहीं नहीं थमा। वर्ष 2022-23 के ऑडिट में 22 मामलों में 82.14 करोड़ रुपये से संबंधित गड़बड़ियां सामने आईं। ऑडिटरों ने तीन वर्ष के ऑडिट में 171 करोड़ रुपये के हिसाब-किताब पर सवाल खड़े किए हैं। इसमें से करीब सौ करोड़ रुपये का भुगतान अनियमित खर्चों से जुड़ा है। इन आपत्तियों पर नगर निगम के जिम्मेदार कुंडली मारे बैठे हैं। विभिन्न मदों से प्राप्त अनुदान व अन्य शासकीय धनराशि को गलत तरह से क्यों खर्च किया गया? लेखा परीक्षा विभाग को इस सवाल का जवाब अब तक नहीं दिया है। यह हाल तब है, जबकि इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने के लिए लेखा परीक्षा विभाग के उप निदेशक स्तर से नगर निगम को कई पत्र लिखे जा चुके हैं। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि ऑडिट आपत्तियों पर साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए संबंधित विभाग को मौका मिलता है। यदि उसके बाद भी इन लोगों ने साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए हैं तो इस मामले को देखेंगे और अभियान चलाकर निस्तारण कराएंगे। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई भी की जाएगी।


