
बागपत। विकास भवन में गुरुवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक अघोषित ‘अतिथि’—सांप—ने कार्यालय में प्रवेश कर लिया। परियोजना निदेशक कार्यालय में चल रही रोज़मर्रा की बैठक अचानक चीख-पुकार और भगदड़ में बदल गई।
कंप्यूटर ऑपरेटर ललित गांधी ने बताया कि वह जैसे ही कंप्यूटर ऑन करने बैठे, ज़मीन पर कुछ फुर्तीली हरकत दिखाई दी। ध्यान से देखने पर पता चला कि एक सांप पूरे ठाठ से कमरे में घूम रहा है और सीधा सीडीओ कार्यालय की ओर बढ़ रहा है।
इसके बाद अफसर और कर्मचारी जो जहां थे, वहीं से उछल पड़े। फाइलें बिखर गईं, चाय गिर गई, कुर्सियां खाली हो गईं और कुछ जूते तो वहीं छूट गए। कुछ मिनटों में ही सारा ऑफिस खाली हो गया।
वन विभाग को तुरंत सूचना दी गई। कुछ ही देर में सांप रेस्क्यू यूनिट मौके पर पहुंची और करीब दस मिनट की मशक्कत के बाद सांप को पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।
हालांकि सांप की ‘ऑफिस विजिट’ समाप्त हो गई, लेकिन कर्मचारियों की धड़कनें अभी भी सामान्य नहीं हो पाई हैं। कई कर्मचारियों ने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा,
“लगता है अब सांप भी सरकारी योजनाओं की समीक्षा करने लगे हैं।”
घटना के बाद कर्मचारियों ने प्रशासन से विकास भवन में नियमित फॉगिंग, साफ-सफाई और घास की कटाई कराने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में इस तरह की ‘विकास यात्रा’ दोबारा ना हो



