बेतुल

बैतूल तीन विकासखंडों में नहीं है हॉस्टल की सुविधा   

आदिवासी छात्र-छात्राएं दर-दर भटकने को मजबूर,

अनुसूचित जनजाति के बच्चों को छात्रावास न मिलने से अधूरी रह रही पढ़ाई
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। युवा आदिवासी विकास संगठन के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह इवने ने सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग बैतूल को ज्ञापन सौंपकर आमला, मुलताई और प्रभात पट्टन विकासखंड मुख्यालयों पर अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास निर्माण की मांग की है।ज्ञापन में बताया गया है कि तीनों ब्लॉक मुख्यालयों पर कक्षा 9वीं से 12वीं तक के अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों और छात्राओं के लिए जनजातीय कार्य विभाग द्वारा कोई भी छात्रावास संचालित नहीं किया जा रहा है। इससे आदिवासी समाज के गरीब बच्चे जो दूरस्थ ग्रामों से उच्च कक्षा में अध्ययन हेतु मुख्यालयों के स्कूलों में प्रवेश लेते हैं, उन्हें किराए के कमरे लेकर रहना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर कई छात्र और छात्राएं ऐसे हालात में पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।
जितेन्द्र सिंह इवने ने जानकारी दी कि वर्तमान में आमला, मुलताई और प्रभात पट्टन में केवल अनुसूचित जाति वर्ग के लिए बालक एवं बालिका छात्रावास संचालित हैं, जिनमें पूर्व में कुछ अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को सीमित संख्या में प्रवेश दिया जाता था। लेकिन इस सत्र से उन छात्रावासों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, जिससे जनजाति वर्ग के छात्रों की परेशानी और बढ़ गई है।उन्होंने मांग की है कि जनजातीय कार्य विभाग द्वारा इन तीनों विकासखंडों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र और छात्राओं के लिए पृथक-पृथक कम से कम 50-50 सीट वाले बालक व बालिका छात्रावासों की स्थापना की जाए, ताकि गरीब आदिवासी बच्चों को उच्च शिक्षा से वंचित न होना पड़े। युवा आदिवासी विकास संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में रामदास उइके, सुनील कवड़े, राजकुमार उइके उपस्थित थे
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