बहराइच

बहराइच में बाढ़ जैसे हालात, सरयू का जलस्तर बढ़ा, कई स्थानों पर कटान शुरू

बहराइच में कटान करती घाघरा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

बहराइच। नेपाल की पहाड़ियों पर शनिवार रात से ही बारिश हो रही है। इसका असर अब गेरुआ और कौड़ियाला नदियों के उफान के रूप में दिखने लगा है। इन दोनों नदियों का संगम गिरिजापुरी के पास होता है, जहां चौधरी चरण सिंह बैराज स्थित है। इस बैराज का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे सरयू नदी में बाढ़ की स्थिति बन गई है। कई स्थानों पर कटान शुरू हो गया है। बैराज से होकर बहने वाली सरयू नदी हर साल महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र के गांवों में तबाही मचाती है। तराई और नेपाल के पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के चलते अब फिर से बाढ़ के खतरे की घंटी बज चुकी है। चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज के अभियंता नितिन कुमार के मुताबिक नेपाल से आने वाली गेरुआ और कौड़ियाला नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके चलते रविवार सुबह से सरयू नदी में बैराज से एक लाख 31 हजार 487 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।

नेपाल से पानी आने का सिलसिला जारी है, इससे जलस्तर और बढ़ने की आशंका नेपाल सरकार ने जताई है। इसके बाद बैराज स्टाफ पूरी तरह अलर्ट है, जैसे ही पानी खतरनाक स्तर पर पहुंचेगा, गेट खोलकर नियंत्रित किया जाएगा।
बैराज के गेट खुलते ही बरपेगा बाढ़ का कहर
बारिश के दिनों में सरयू नदी विशेष रूप से महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र के लिए खतरे की बड़ी वजह बन जाती है। नदी का पानी जब बढ़ता है, तो आसपास के गांवों में घुसने लगता है। इससे लोगों को घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर जाना पड़ता है। करीब चार लाख की आबादी हर साल बाढ़ से प्रभावित होती है। महसी के साथ-साथ कैसरगंज और जरवल के 1300 गांव भी बाढ़ की चपेट में आते हैं।
खेत-खलिहान, कच्चे मकान और मवेशी सब कुछ नदी अपने साथ बहा ले जाती है। सिर्फ पीछे बचता है बर्बादी का मंजर। नदी के तट पर बसे गांवों में दहशत का माहौल है। महसी तहसील क्षेत्र के पिपरिया, बौडी, मुरौव्वा, मुंसारी, शुक्लन पुरवा और कैसरगंज के मंझारा तौकली समेत कई गांवों में बाढ़ की चिंता दिख रही है। ग्रामीणों ने बताया कि नदी का पानी धीरे-धीरे खेतों के बराबर आना शुरू हो चुका है। महसी क्षेत्र के लोगों में भी नदी के बढ़ते दबाव को लेकर चिंता व खौफ है।
नावें और राहत सामग्री की हो रही तैयारी
बाढ़ की स्थिति पर नजर है। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। तटीय इलाके में नावों को तैयारी रखने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही राहत पैकेज को भी तैयारी रखने के लिए कहा गया है।
-अक्षय त्रिपाठी, डीएम
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