बाराबंकी

छात्रों ने अपने भविष्य को बचाने के लिए डीएम बाराबंकी से लगाई न्याय की गुहार

कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

बाराबंकी। छात्रों ने अपने भविष्य को बचाने के लिए डीएम बाराबंकी से लगाई न्याय की गुहार, कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप
 जिला अधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी से न्याय की गुहार लगाई है। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें झूठे वादों में फँसाकर न केवल आर्थिक रूप से शोषण किया, बल्कि उनके शैक्षणिक मूल्यांकन में भी जानबूझकर गड़बड़ी की।प्राप्त जानकारी के अनुसार, कॉलेज प्रबंधन द्वारा दिनांक 03 जुलाई 2024 को एक आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से यह सूचना प्रसारित की गई कि जो भी छात्र नए विद्यार्थियों का एडमिशन कॉलेज में कराएगा, उसे कॉलेज की तरफ से इंसेंटिव (धनराशि) दी जाएगी या उसकी फीस में कटौती की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया कि ऐसे छात्रों को आंतरिक अंकों में विशेष वरीयता दी जाएगी।छात्रों का कहना है कि उन्होंने इस सूचना पर भरोसा करते हुए कई नए एडमिशन कराए, लेकिन इसके बाद कॉलेज प्रबंधन—जिसमें चेयरमैन विजय श्रीवास्तव, डायरेक्टर ममता श्रीवास्तव, फैकल्टी सौरभ पांडेय, मृत्युंजय गर्ग, और आसिफ इदरीसी शामिल हैं—ने न तो कोई इंसेंटिव दिया, न ही फीस में कोई कटौती की। उल्टा, छात्रों के आंतरिक अंक कम करके उन्हें जानबूझकर फेल किया गया, जबकि वे सभी विषयों में नियमित रूप से उपस्थित थे।इसके अलावा, छात्रों से 5000 रुपये अतिरिक्त फीस “सब्जेक्ट टूर” के नाम पर भी वसूली गई, जिसका कोई आयोजन नहीं किया गया। छात्रों का आरोप है कि जब उन्होंने इस मामले में आपत्ति जताई तो उन्हें धमकियाँ दी जाने लगीं।छात्रों ने इस संबंध में एक लिखित शिकायत जिला अधिकारी को सौंपी है, जिसमें उन्होंने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायत के साथ संलग्न दस्तावेजों में शामिल हैं:
इंसेंटिव ग्रुप मैसेज की प्रति
इंसेंटिव नोटिस
वर्ष 2024-25 का इंसेंटिव ब्योरा
सब्जेक्ट टूर फीस की रसीद
थाना सफदरगंज में दर्ज रिपोर्ट की कॉपी
इस शिकायत पर छात्रों के प्रतिनिधियों में अनूप यादव, ब्रज किशोर, वेदांग मिश्रा, विकास कुमार, रामघर गुप्ता, सुजीत यादव, विधिन चौहान, अभिषेक तिवारी, और कन्हैया शामिल हैं।
छात्रों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। जिला प्रशासन से उनकी मांग है कि कॉलेज प्रबंधन के दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए।
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