मथुरा

यमुना में स्नान करने और नाव चलाने पर रोक

मथुरा। नौहझील में लगातार जलस्तर बढ़ने से यमुना नदी उफान पर है। इससे कई क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नौहझील के कई गांवों में यमुना का पानी घुस गया है। बाढ़ जैसे हालात बनने के बाद अधिकारियों ने करीब छह गांवों के ग्रामीणों से घर छोड़ने को कहा गया है। वृंदावन में यमुना में नाव चलाने और श्रद्धालुओं को स्नान करने पर रोक लगा दी है। साथ ही यमुना किनारे बनीं दुकानों को भी खाली करने को कहा गया है। इधर, विश्राम घाट पर आरती स्थल तक पानी पहुंच गया है। सोमवार शाम को यमुना का जलस्तर 165.79 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से महज 21 सेंटीमीटर कम है। नौहझील क्षेत्र के अतिसंवेदनशील गांव अड्डा मीणा, फिरोजपुर, मांगलखोर, अड्डा जाटव, छिनपारई और अड्डा मल्हान आते हैं। इन गांवों में बीते दो दिन में ग्रामीणों के घरों तक पानी पहुंच गया है। सोमवार को अधिकारियों ने करीब 11 हजार की आबादी वाले इन गांवों के ग्रामीणों से घर खाली करने को कहा है। अधिकारियों ने प्रत्येक गांव में जाकर लाउडस्पीकर के माध्यम घर खाली करने की घोषणा की, लेकिन ग्रामीण गांव खाली करने को तैयार नहीं हैं।गांवों के चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। पशुओं के चारे और खेतों में खड़ी फसलों को लेकर किसानों की धड़कनें बढ़ गई हैं। नौहझील-शेरगढ़ मार्ग पर भी करीब तीन-तीन फीट पानी बह रहा है। मांट क्षेत्र के कुछ गांवों का भी यही हाल है। मथुरा के जयसिंहपुरा में भी लोगों के घरों की देहरी तक पानी पहुंच गया। विश्राम घाट स्थित आरती स्थल पर भी पानी भर गया है। बाढ़ का खतरा बढ़ने से यमुना किनारे रहने वालों में दहशत है।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button