
नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
बोकारो। 12 में से कोई भी एक हो सकता है बोकारो स्टील प्लांट का अगला कप्तान। वैसे 12 में से 03 में से किसी के होने की संभावना पर बीएसएल के अधिकारियों के बीच अत्यधिक तर्क – वितर्क जारी है। कौन होगा यह तो 22 अगस्त 2025 की शाम तक स्पष्ट हो ही जाएगा लेकिन तबतक 12 उम्मीदवारों के शुभचिंतक और समर्थक अपने – अपने उम्मीदवार के पक्ष में वाद – विवाद में मग्न हैं। बोकारो इस्पात संयत्र के वर्तमान कप्तान अर्थात डायरेक्टर इंचार्ज ( DI ) बीरेंद्र कुमार तिवारी 31 अगस्त 2025 को सेवानिवृत हो रहे हैं। बीएसएल के डीआई का चयन तो 22 अगस्त को हो जाएगा लेकिन उनके पदभार ग्रहण करने की पूरी प्रक्रिया के संपन्न होने में करीबन 06 माह का समय लगेगा। इसी लिए 99 प्रतिशत संभावना यह है कि राउरकेला स्टील प्लांट के निदेशक प्रभारी ( डीआई ) आलोक कुमार वर्मा को तबतक के लिए बीएसएल का अतिरिक्त प्रभार सेल #प्रबंधन सौंपेगा। बीएसएल के निदेशक प्रभारी के चयन के लिए लोक उद्यम चयन बोर्ड ने 22 अगस्त की तारीख की घोषणा कर दी है। साक्षात्कार ऑनलाइन होगा तथा परिणाम उसी दिन देर शाम जारी कर दिया जायेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार साक्षात्कार के लिए 12 उम्मीदवारों की अंतिम सूची तैयार की गई है। इस लिस्ट में एस. सुब्बाराज, कार्यकारी निदेशक, दुर्गापुर इस्पात प्लांट, दीपेंदु घोष, कार्यकारी निदेशक (संकार्य), इस्को इस्पात संयंत्र, संदीप कुमार कर, कार्यकारी निदेशक (आरडीसीआईएस), स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल), दिलीप कुमार मिश्रा, कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ), सेल रिफ्रैक्टरी, राकेश कुमार, कार्यकारी निदेशक (संकार्य), भिलाई स्टील प्लांट, मुन्ना प्रसाद सिंह, कार्यकारी निदेशक (खान), राउरकेला इस्पात संयंत्र, प्रियरंजन, कार्यकारी निदेशक (संचालन), स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (सेल), शिव कोंथम सुधाकर, महाप्रबंधक, ओएम (ऊर्जा प्रबंधन विभाग, वीएसपी पिंक, राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड, एस.के.वी.एन. आचार्युलु, महाप्रबंधक, महाप्रबंधक (एम)-वीसी सिंटर प्लांट, राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड, शरत चंद्र चौधरी, मुख्य महाप्रबंधक, मेकॉन, बोकारो, वसुधा चंद्र सूरतकल, मुख्य महाप्रबंधक (खनन), केआईओसीएल लिमिटेड और ब्रजेश कुमार सिन्हा, महाप्रबंधक, (सी एंड सी) कोक ओवन अनुभाग एवं प्रभारी, रिफ्रेक्ट्रीज, रांची, मेकॉन लिमिटेड शामिल है। बोकारो इस्पात प्लांट के अधिकारियों की माने तो इनमें से 03 प्रबल दावेदार हैं। राकेश कुमार, कार्यकारी निदेशक (संकार्य), भिलाई स्टील प्लांट और मुन्ना प्रसाद सिंह, कार्यकारी निदेशक (खान), राउरकेला इस्पात संयंत्र के पक्ष में खड़े अधिकारियों का कहना है कि चूंकि ये दोनों बोकारो स्टील प्लांट में अपनी सेवा पहले दे चुके हैं, इसलिए सेल प्रबंधन इनके इस अनुभव को ध्यान में रखते हुए बीएसएल की कमान इनके हाथ में देना उचित समझेगा। इन शुभचिंतकों का यह भी तर्क है कि वैसे भी बीएसएल में विस्तारीकरण का मामला स्थानीय समस्या के कारण फंसा हुआ है, ऐसे में इस क्षेत्र के किसी पुराने खिलाड़ी पर भरोसा करना सेल प्रबंधन के लिए अत्यधिक फायदेमंद होगा। आपको बता दे कि राकेश कुमार ने सीजेएम अर्थात मुख्य महाप्रबंधक, कोकोवेन तो मुन्ना प्रसाद सिंह ने सीजीएम, ब्लास्ट फर्नेस के पद पर इस प्लांट को अपनी सेवा दी है। राकेश कुमार के समर्थक अपनी दावेदारी के पक्ष में एक तर्क यह भी दे रहे हैं कि इस मामले में भले दोनों का पलड़ा बराबर है लेकिन राकेश कुमार वर्तमान में भिलाई के अधिशासी निदेशक ( संकार्य ) हैं और इस कारण इनको प्लांट के संचालन का अनुभव है तो ऐसे में सेल प्रबंधन इन्हें ही बीएसएल का कैप्टन बनाएगा। बोकारो स्टील प्लांट के तीसरे प्रमुख दावेदार में जिसकी चर्चा जबरदस्त है, वे हैं प्रियरंजन, कार्यकारी निदेशक (संचालन), स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया। प्रियरंजन का पूरा कार्यकाल बड़े – बड़े अधिकारियों के साथ काम करते हुए बीता है। वर्तमान में भी वे #सेल के कॉरपोरेट ऑफिस में अपनी सेवा दे रहे हैं। इस कारण इनके शुभचिंतक यह तर्क दे रहे हैं कि इनके विशाल प्रशासनिक अनुभव की जरूरत विस्तारीकरण का संकट झेल रहे बीएसएल को है और इसलिए कमान तो इन्हीं को मिलेगा। अंत में, 22 अगस्त को तो यह तय हो ही जाएगा कि बीएसएल प्रबंधन की कमान 12 प्रत्याशियों में से सेल प्रबंधन किस को देता है। फिलहाल तबतक कयासों और तर्कों का बाजार गर्म है।



