मथुरा

विदेशी फंडिंग और एजेंसियों की मिलीभगत से हिंदू समाज को बनाया निशाना

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मथुरा। 2008 मालेगांव बम ब्लास्ट मामले में बरी हुए आरोपी सेवानिवृत्त मेजर रमेश उपाध्याय  मथुरा पहुंचे। गोवर्धन चौराहा स्थित एक होटल में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनका और अन्य आरोपी का मुकदमा एक बड़े षड्यंत्र ऑपरेशन हिंदू का हिस्सा था। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान, चीन और अमेरिका की फंडिंग से इस योजना को आगे बढ़ाया गया था। इसका मकसद भारत में हिंदू संतों की प्रतिष्ठा को धूमिल करना और समाज में भय फैलाना था। मेजर रमेश ने कहा कि कुछ वरिष्ठों ने भी इस षड्यंत्र में शामिल होकर झूठे मुकदमे चलाए। आरोपियों से कहा गया कि अगर बड़े धर्माचार्यों के नाम बताए जाएं तो राहत मिलेगी, लेकिन उन्होंने इन नामों को लेने से मना कर दिया।परिणामस्वरूप नौ साल तक जेल में रखा गया, अमानवीय यातनाएं झेलनी पड़ीं, नाखून उखाड़े गए, करंट लगाया गया, ठंडे पानी में नहलाया गया, परिवार को प्रताड़ित किया गया, बच्चों को आतंकी की संतान कहकर समाज ने प्रताड़ित किया। 31 जुलाई 2025 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में मेजर रमेश और अन्य पर लगे आरोपों को निर्दोष करार दिया। मेजर ने कहा कि असली जवाबदेही उन अधिकारियों और नेताओं की है जिन्होंने इस षड्यंत्र को अंजाम दिया। वर्तमान में मेजर रमेश सारस्वत हिंदू जागृति संगठन के राष्ट्रीय सह संयोजक हैं और हिंदू समाज में जागरूकता फैलाने और संस्कृति के प्रति लोगों को सचेत करने में सक्रिय हैं। इस अवसर पर धीरेंद्र मोहन पांडेय, रामवीर यादव, रोहिताश सिंह, मदन मोहन राजपूत, घनश्याम सैनी और विष्णु चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
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