जालौन
मौजा बड़ेरा में भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों ने जताया विरोध
ओडीए की प्रस्तावित योजना को समाप्त करने की मांग
100 एकड़ उपजाऊ जमीन में अनेकों किसानों के आवासीय मकान बने
किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप मांगा न्याय
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
उरई (जालौन)। बुधवार को उरई विकास प्राधिकरण द्वारा बड़ेरा मौजा में 100 एकड़ उपजाऊ जमीन का आवासीय योजना में अधिग्रहण करने के विरोध में अनेकों किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुये कहा कि यदि जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव रद्द न किया गया तो उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जायेगा। किसानों का कहना था कि जिस जमीन का ओडीए अधिग्रहण कर रहा है वहां पर पहले से ही कई किसानों के आवासीय मकान भी बने हैं। इतना ही वहां पर कई लोगों ने आवासीय भवन बनाने के लिये प्लाट भी खरीदे जा चुके हैं। जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे दीप्ति गुप्ता, अर्चना गुप्ता, राजकुमारी, शिवाकांत तिवारी, अनूप चैरसिया, सचिन राज, माखन, फूल सिंह, बृहमोहन, प्रेमनारायण, लल्लू, संतोष कुमार, ज्ञान सिंह पाल, लालता प्रसाद, राम ढकेली, संजू, राजकुमार, विवेक कुमार आदि ने जिलाधिकारी को संबोधित दिये गये ज्ञापन में कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि उरई विकास प्राधिकरण द्वारा एक आवासीय योजना के अंतर्गत मौजा बड़ेरा रोड पर करीब 100 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किये जाने का प्रस्ताव हैं उक्त् संबंध में हम किसानों के सामने खेतों के अधिकृत अन्य कोई जीविका का साधन नहीं हैं और न ही इसके अलावा अन्य किसी मौजा में भूमि है हम लोगों ने जो प्लाट खरीदे है जो उनके अलावा कोई प्लाट भी नहीं है। इस क्षेत्र के आसपास बहुत किसानों ने अपने आवासीय मकान भी बनाये है। यदि ओडीए द्वारा हम किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया तो हम किसानों को आर्थिक क्षति पहुंचेगी। किसानों ने ओडीए की आवासीय योजना को रद्द करने की मांग करते हुये कहा कि यदि उनकी मांग को नहीं माना गया तो वह आंदोलन करने को विवश होंगे। किसानों का कहना था कि ओडीए जिन गाटा नंबरों का अधिग्रहण करना चाहता है वहां पर पहले से ही प्लाटिंग हो चुकी है जिसका रकवा 16.6360 यानी लगभग 41 एकड़ से अधिक है।


