छिंदवाड़ा में अवैध शराब धंधे पर गुलाबी गैंग की मुहिम।
प्रशासन की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल ?

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा ज़िले में अवैध शराब आहतें कारोबार को लेकर एक बार फिर से आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली कठघरे में खड़ी हो गई है। हाल के दिनों में गुलाबी गैंग की प्रदेश एवं छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र अध्यक्ष कमांडो पूर्णिमा वर्मा ने अभियान चलाकर कई स्थानों पर अवैध शराब बिक्री का खुलासा किया और खुलेआम ठेकेदारों के खिलाफ मोर्चा खोला।
पूर्णिमा वर्मा का आरोप था कि जिले में लंबे समय से प्रशासनिक संरक्षण में अवैध शराब कारोबार फल-फूल रहा है। उन्होंने समाज को नशे की गिरफ्त से बाहर लाने का संकल्प लेते हुए कार्रवाई की मांग की, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि स्वयं हाथ में कदम उठाने वाली वर्मा को ही पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो गई है। लोधी समाज, नेशनल कांग्रेस पार्टी समेत अनेक सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने इसे जनता की आवाज़ को दबाने का प्रयास बताया है। विरोध स्वरूप विभिन्न संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किए और कलेक्टर व तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर पूर्णिमा वर्मा की तुरंत रिहाई और अवैध शराब कारोबार पर ठोस कार्रवाई की मांग की।
राज्य सरकार और आबकारी विभाग पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बार-बार सख़्ती और सुधार की बात करते हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर पुलिस और आबकारी विभाग की नाकामी साफ़ दिखाई दे रही है। छिंदवाड़ा में चल रहे इस विवाद ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। जहां एक तरफ़ अवैध कारोबार पर लगाम कसने की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी ओर कार्यवाही का निशाना जनआंदोलन की अगुवाई करने वाले कार्यकर्ताओं पर ही साधा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या कदम उठाती है।



