सिंगरौली
2 करोड़ 74 लाख 23 हजार की लागत का पुल बना लेकिन भूल गए सड़क बनाना
कीचड़-पानी और पत्थर बने ग्रामीणों के लिए मुसीबत।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली: मध्य प्रदेश अजब है, सबसे गजब है. इन दिनों राज्य की सड़कों में गड्ढे या गड्ढों में सड़क की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. शहर हो या गांव, हर जगह ऐसे ही हालात हैं लेकिन हम आपको आज जो खबर बताने जा रहे हैं, उसे जानकर आप माथा ही पकड़ लेंगे. दरअसल सिंगरौली जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर मटिया नाम का एक गांव है. वहां धामण नाम की नदी बहती है. इस पर तीन साल पहले एक पुल बना, जो करीब दो दर्जन से ज्यादा के गांव के लिए काफी महत्वपूर्ण है. पुल तो बना लेकिन जिम्मेदार सड़क बनाना ही भूल गए. इसकी वजह से ग्रामीणों को हर रोज समस्या का सामना करना पड़ता है. इस पुल का निर्माण कार्य साल 2021 में पूरा हुआ था पुल को बने पांच साल भी नहीं बीते लेकिन इस पर गड्ढे साफ-साफ दिखाई दे रहे हैं. इससे भी अजीब बात यह है कि इतने साल बीतने के बाद भी इसे जोड़ने वाली सड़क का निर्माण नहीं कराया जा सका है.
खराब सड़क से ग्रामीण परेशान
पुल से लेकर 100 मीटर दूरी गांव तक एक सड़क है. वह भी फिलहाल अच्छे हालत में नहीं है लेकिन पुल की सड़क से जुड़ी सड़क पूरी तरह कीचड़ से भरी हुई है. करीब तीन किलोमीटर का भाग पूरी तरह खराब हो चुका है. बारिश कम होती है, तो कीचड़ तैयार हो जाता है. तीन दिन से बारिश हो रही है. ग्रामीणों को कीचड़ से मुक्ति मिले, तो खराब सड़क पर चलना दूभर होता है. अगर इस पर कोई गिरा, तो भारी नुकसान हो सकता है. ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के चलते कीचड़ तो बह गया था, नहीं तो यहां धान रोपने की पूरी तैयारी थी.
दो दर्जन गांवों के लिए जरूरी है सड़क
यह जो सड़क है, यह इलाके के करीब दो दर्जन गांवों में रहने वाले वाले लोगों के लिए बेहद जरूरी है. कटदहा, अधियरिया, पिपर खांड गांव के लोगों को पुरैल(नटवा डोल) घूमने में 15 किलोमीटर ज्यादा दूरी पड़ता है। इसलिए लोग इसी रास्ता में जाना चाहते हैं। लेकिन अधियरिया से मटिया होते हुए गन्नई में रोड तक तक पहुंचने में खराब सड़क से गुजरना पड़ता है, जिससे आने-जाने वालों को समस्या का सामना करना पड़ता है. इस पुल से होकर ग्रामीण सिंगरौली के सरई, देवसर, वैढन और सीधी की ओर जाते हैं. वहीं इस पुल से करीब 200 वाहन हर दिन गुजरते लेकिन बहुत खराब सोने के कारण आम जन को पैदल चलना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीण बोले- सड़क बने।
ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन को सड़क पर ध्यान देना चाहिए. पुल तो बन गया लेकिन सड़क न बनने से ग्रामीणों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में सरकार इसी रोड़ का निर्माण कार्य जल्द से जल्द कराए.
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ग्राम मटिया निवासी ठाकुर प्रसाद यादव,सिता प्रसाद यादव, मनिराम यादव, काशीराम वैश्य, कुल्लर प्रसाद यादव 90 वर्ष के बुजुर्ग ने बताया कि इस सड़क की समस्या ग्रामीणों को काफी दिनों से बनी हुई हैं। स्कूली बच्चों एवं राहगीरों को आने-जाने में काफी समस्या होती है गर्भवती महिलाओं एवं मरीज को हॉस्पिटल ले जाने के लिए एम्बुलेंस नहीं आ पाती है 3 किलोमीटर दूर खाट से ले जाया जाता है।
स्थानीय पत्रकार मिथिलेश कुमार यादव ने बताएं कि मेरे द्वारा सीधी सिंगरौली सांसद राजेश मिश्रा को एवं सिंगरौली कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला को मौखिक और लिखित तौर पर जानकारी दी गई है. वहीं संबधित विभाग को भी आवेदन दिया गया है. इसके अलावा सड़क पीडब्ल्यूडी को दी गई है. अब केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जी को आवेदन दिया जाएगा.




