पाकुड़

मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) पर जिला स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

District level workshop organized on Motor Accident Claims Tribunal (MACT)

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ शेष नाथ सिंह की अध्यक्षता में आज पाकुड़ व्यवहार न्यायालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ शेष नाथ सिंह, अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद, सचिव रूपा बंदना किरो अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी,अधिवक्ता सिद्धार्थ शंकर, सीडीपीओ पाकुड़ डीएन आजाद, सीडीपीओ महेशपुर विजय कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ शेष नाथ सिंह ने इस कार्यक्रम के उद्देश्य पर जानकारी दी साथ ही वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण को लेकर जानकारी दी ।दुर्घटना के दौरान से लेकर अंत तक सभी प्रक्रिया पर पुलिस अधिकारी, डॉक्टर, समेत कानूनी कागजात प्रक्रिया बीमा को लेकर उनके भूमिका एवं मानवता दिखाते हुए सहयोग पर विशेष रूप से जोर देने का कहा। ताकि पीड़ित या पीड़िता को समय सीमा के अंदर न्याय मिल सके।अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद ने विस्तारपूर्वक परीक्षण और प्रक्रिया के मुद्दे पर जानकारी दी गई जिसमें मुआवज़े की गणना अंतरिम मुआवज़ा वाणिज्यिक एवं निजी वाहन पुनर्प्राप्ति अधिकार न्यायाधिकरण और पुलिस के एमएसीटी सेल के बीच समन्वय के मुद्दे एमवी अधिनियम 1988 की धारा 158 (6) के तहत विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (डीएआर) का समय पर प्रस्तुतीकरण DAR में कमियाँ हिट एंड रन मामले पीड़ित मुआवजा योजना समेत कई कानूनी पहलुओं पर विचार साझा की।बार एसोसिएशन के अधिवक्ता सिद्धार्थ शंकर ने विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए निम्न बिंदु पर जानकारी साझा की जैसे कि दुर्घटना मामलों में मुआवजे का निर्धारण,चोट लगने की स्थिति में विकलांगता का आकलन और मुआवजे के प्रकार, काल्पनिक आय का निर्धारण (नवीनतम कानून)एडीआर के माध्यम से निपटान के मामलों में उचित मुआवजा मृत्यु के मामलों में न्यायोचित मुआवजा तथा एकरूपता एवं स्थिरता के मुद्दे ब्याज और दंडात्मक ब्याज वेतन और वसूली की अवधारणा तीसरी पार्टी देयता समेत अन्य बिंदु पर प्रकाश डाला गया।इस दौरान मंच का संचालन डालसा सचिव रूपा बंदना किरो ने की।अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी द्वारा संवादात्मक सत्र के बारे में संक्षेप रूप में अपने बातों को रखते हुए धन्यवाद ज्ञापन और समापन किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

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