मेरठ

एकेटीयू दीक्षांत समारोह में एमआईईटी मेरठ के तीन स्टार्टअप्स होंगे सम्मानित

एमआईईटी इनक्यूबेशन फोरम के स्टार्टअप लागतार तीसरी बार होंगे दीक्षांत समारोह में सम्मानित

मेरठ। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (ए.के.टी.यू.), लखनऊ के दीक्षांत समारोह में इस बार मेरठ स्थित एम.आई.ई.टी की बड़ी उपलब्धि सामने आई है। कुल सात श्रेणियों में दिए जाने वाले स्टार्टअप अवॉर्ड्स में से तीन पुरस्कार एम.आई.ई.टी. मेरठ को प्राप्त होंगे। यह सम्मान माननीय राज्यपाल द्वारा प्रदान किया जाएगा।
एम.आई.ई.टी. इनक्यूबेशन फोरम से जुड़े इन स्टार्टअप्स ने अपने नवाचार और सामाजिक प्रभाव से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।
कवच 1.0 – दुश्मन ड्रोन के ख़िलाफ सुरक्षा कवच,एम.आई.ई.टी. के बीटेक छात्र दीक्षांत कुमार (सीएमआईटी) और मनोहर कुशवाह (सीएसई-आईओटी) द्वारा विकसित कवच 1.0 एक अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम है। यह दुश्मन ड्रोन के सिग्नल को जाम कर देता है, जिससे वे या तो अपने स्रोत पर लौट जाते हैं या सुरक्षित रूप से नीचे उतर जाते हैं। इसकी खासियत है – मल्टी-बैंड जैमिंग, दिशात्मक और सर्वदिशात्मक एंटीना, कई किलोमीटर की रेंज और हर मौसम में भरोसेमंद प्रदर्शन। इस उपलब्धि के लिए इसे टेक्नोलॉजी इन्नोवेशन अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।
लाइफ़ विज़न – दृष्टिहीनों के लिए नई उम्मीद,एम.आई.ई.टी. के छात्र हर्ष चौहान और सार्थक सिसोदिया द्वारा तैयार लाइफ़ विज़न दृष्टिहीन लोगों के लिए जेब में रखने योग्य छोटा उपकरण है। टॉर्च जैसा दिखने वाला यह डिवाइस लिडार सेंसर और कैमरों से लैस है। यह चारों ओर की बाधाओं को पहचानकर कंपन (वाइब्रेशन) के ज़रिए तुरंत चेतावनी देता है। एक बार चार्ज होने पर यह 100 दिन तक चलता है। इसे एक्सेसिबिलिटी स्टार्टअप अवॉर्ड से नवाज़ा जाएगा।
रक्षा कवच – खतरनाक गैसों से सुरक्षा,मोहित और सह-संस्थापक वंश तिवारी द्वारा स्थापित पल्सवेव इनोवेशंस प्राइवेट लिमिटेड ने ‘रक्षा कवच’ डिवाइस विकसित किया है, जो सीवर, सेप्टिक टैंक और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले मजदूरों को हाइड्रोजन सल्फाइड, मीथेन, कार्बन मोनोऑक्साइड और ऑक्सीजन जैसी खतरनाक गैसों से आगाह करता है। बजर, वाइब्रेशन और डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से यह रीयल-टाइम अलर्ट देता है। इस नवाचार को पहले ही ₹4 लाख का अनुदान शिक्षा मंत्रालय और एआईसीटीई से मिल चुका है तथा इसे स्मार्ट इंडिया हैकथॉन का विजेता भी घोषित किया गया था। इस बार इसे सस्टेनेबिलिटी चैंपियन अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।
इन तीनों स्टार्टअप्स ने न केवल तकनीकी नवाचार प्रस्तुत किए हैं, बल्कि सामाजिक सरोकार और सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है। यह उपलब्धि एम.आई.ई.टी. मेरठ को प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में एक अग्रणी नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करती है।

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