मौसमी बीमारियों से बचाव ही सबसे बड़ा इलाज – डॉ. जितेंद्र मलिक”

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बड़ौत, बागपत : मौसमी बदलाव के चलते वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और पेट संबंधी बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र मलिक (MBBS, DCH) का कहना है कि “साफ पानी, सही खानपान और समय पर इलाज” ही इन बीमारियों से बचाव का सबसे कारगर तरीका है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों की छोटी परेशानी को भी हल्के में न लें और तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें।
इंटरव्यू
प्रश्न (संवाददाता – सुरेंद्र मलानिया):
डॉ. साहब, आजकल वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और पेट की बीमारी काफी बढ़ रही है। इसका कारण क्या है?
उत्तर (डॉ. जितेंद्र मलिक):
जी हाँ, मौसमी बदलाव के कारण वायरल इन्फेक्शन तेजी से फैल रहा है। दिन और रात के तापमान में फर्क बच्चों और बुज़ुर्गों पर ज्यादा असर डाल रहा है। गंदे पानी और बाहर का दूषित खाना पेट संबंधी बीमारियों का बड़ा कारण है।
प्रश्न:
लोगों को इससे बचाव के लिए क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए?
उत्तर:
- बच्चों को उबला या साफ़ पानी ही पिलाएँ।
- बाहर का खुला और तला-भुना खाना न खिलाएँ।
- बुखार या खांसी-जुकाम होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ, खुद से दवा न लें।
- साफ-सफाई और हाथ धोने की आदत डालें।
प्रश्न:
क्या बच्चों के माता-पिता को कोई खास ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर:
बिल्कुल, माता-पिता को बच्चों की छोटी-सी भी परेशानी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर बच्चे को तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, बार-बार उल्टी या दस्त हो रहे हैं तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें।
प्रश्न:
आप लोगों को क्या संदेश देना चाहेंगे?
उत्तर:
मौसमी बीमारियों से घबराने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही भी नहीं करनी चाहिए। समय पर इलाज और सावधानियाँ अपनाकर हम बच्चों और बड़ों दोनों को सुरक्षित रख सकते हैं।
डॉ. जितेंद्र मलिक का साफ संदेश है कि बदलते मौसम में सतर्कता ही सुरक्षा है। उनका मानना है कि अगर हम साफ पानी, सही खानपान और समय पर इलाज पर ध्यान दें, तो मौसमी बीमारियों से बचाव संभव है।



