विशेष साक्षात्कार : आलोक शास्त्री – चार वर्षों से हिन्दू युवा वाहिनी में निस्वार्थ सेवा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
हिन्दू युवा वाहिनी आज देशभर में युवाओं को संस्कार, सेवा और राष्ट्रवाद से जोड़ने वाला एक सशक्त संगठन माना जाता है। इसी संगठन से जुड़े बागपत जनपद के युवा आलोक शास्त्री पिछले चार वर्षों से लगातार निस्वार्थ भाव से समाज सेवा कर रहे हैं।
नेशनल प्रेस टाइम्स ने आलोक शास्त्री से विशेष बातचीत की। प्रस्तुत हैं प्रमुख अंश –
प्रश्न : आलोक जी, आपकी पृष्ठभूमि के बारे में पाठकों को बताइए।
आलोक शास्त्री : मैं बागपत का निवासी हूँ। मेरी शिक्षा संस्कृत विषय में हुई है और इसी वजह से लोग मुझे प्यार से ‘शास्त्री’ कहते हैं। परिवार साधारण है, लेकिन हमेशा से सेवा भावना और धर्मपरायणता का वातावरण रहा है। मैं प्रोफेशनल तौर पर शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ा हूँ।
प्रश्न : हिन्दू युवा वाहिनी से आप कैसे जुड़े?
आलोक शास्त्री : मेरा बचपन से ही झुकाव समाज सेवा और धार्मिक गतिविधियों की ओर रहा है। चार वर्ष पहले मैंने हिन्दू युवा वाहिनी की कार्यशैली देखी, तो लगा कि यह संगठन मेरे विचारों और संकल्पों से मेल खाता है। तभी से मैं इसमें सक्रिय रूप से जुड़ गया।
प्रश्न : आपके लिए ‘निस्वार्थ सेवा’ का क्या अर्थ है?
आलोक शास्त्री : मेरे लिए सेवा का मतलब है बिना किसी स्वार्थ या पद-प्रतिष्ठा की चाह के समाज के लिए काम करना। चाहे गरीब बच्चों की पढ़ाई हो, बीमारों की मदद हो, या फिर धार्मिक आयोजनों में सहयोग करना – मैंने हमेशा दिल से सेवा की है।
प्रश्न : पिछले चार वर्षों में आपने कौन-कौन सी प्रमुख गतिविधियों में हिस्सा लिया?
आलोक शास्त्री : कोविड-19 महामारी के समय हमने मास्क, सैनिटाइज़र और राशन का वितरण किया। गौसेवा और स्वच्छता अभियान में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसके अलावा धार्मिक कार्यक्रमों, शोभायात्राओं और युवाओं को जागरूक करने वाले आयोजनों में सक्रिय योगदान दिया।
प्रश्न : हिन्दू युवा वाहिनी के साथ काम करते हुए आपको सबसे बड़ी संतुष्टि कब मिली?
आलोक शास्त्री : जब किसी ज़रूरतमंद परिवार को मदद पहुंचाकर उनके चेहरे पर मुस्कान देखता हूँ, तो वही मेरी सबसे बड़ी संतुष्टि होती है। यही असली सेवा है।
प्रश्न : आने वाले समय में आपका क्या लक्ष्य है?
आलोक शास्त्री : मेरा लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को संगठन से जोड़ूं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाऊं। खासकर शिक्षा और संस्कारों के क्षेत्र में काम करने का मेरा विशेष संकल्प है।
आलोक शास्त्री जैसे युवा आज समाज के लिए प्रेरणा हैं। उनकी निस्वार्थ सेवा और समर्पण यह संदेश देते हैं कि यदि युवा सही दिशा में कदम बढ़ाएं, तो समाज और राष्ट्र दोनों सशक्त बन सकते हैं।



