सौंथलिया रेलवे स्टेशन का नाम बावड़ी सौंथलिया करने को लेकर डीआरएम को दिया ज्ञापन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बावड़ी। ग्राम पंचायत बावड़ी में सौंथलिया रेलवे स्टेशन का नाम परिवर्तन करने को लेकर उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर के डीआरएम को ज्ञापन दिया गया। राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक एवं अत्याचार विरोधी टाइगर संस्थान नई दिल्ली कैंप रींगस के नेशनल चीफ ब्यूरो जांच एवं सतर्कता आर.पी. वर्मा एवं स्टेट चीफ ब्यूरो जांच एवं सतर्कता बी.डी वर्मा बावड़ी द्वारा ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में बताया कि सौंथलिया रेलवे स्टेशन ग्राम पंचायत बावड़ी में स्थापित है। इसकी जगह बावड़ी सौथलिया किया जाये। ग्राम पंचायत ठीकरिया में बावड़ी ठीकरिया रेलवे स्टेशन के नाम से कर रखा है। दोनों रेलवे स्टेशनों पर नाम के गफलत के चक्कर में चूरू, लक्ष्मणगढ़, सीकर सहित अन्य स्टेशनों से यात्री टिकट घर से बावड़ी के लिए टिकट कटवाते हैं तो उनको बावड़ी ठीकरिया का टिकट मिलता है ऐसे में यात्री मूल रेलवे स्टेशन सौथलिया से पहले पांच किलोमीटर पहले ही बावड़ी ठीकरिया स्टेशन पर उतर जाते हैं। ऐसे में काफी रिश्तेदार, बुजुर्ग माता बहने, अन्य यात्री पैदल चलते-चलते बावड़ी गांव पहुंचते हैं। इधर दूसरी तरफ जयपुर रेलवे स्टेशन से बावड़ी के लिए टिकट कटवाते हैं तो बावड़ी ठीकरिया की टिकट दी जाती है। जबकि रींगस के बाद सौथलिया रेलवे स्टेशन आता है। नाम के फेर में काफी लोगों को परेशानियां हो रही है । ट्रेन में यात्रियों के पास टिकट होने के बावजूद भी टिकिट इंस्पेक्टर का भय सताता है। रेलवे के टीटी द्वारा यात्रियों से अतिरिक्त चार्ज वसूलने से गरीबों की जेब खाली हो रही है। डीआरएम साहब सौंथलिया रेलवे स्टेशन का नाम बावड़ी सौंथलिया करने एवं बावड़ी ठीकरिया स्टेशन से बावड़ी हटाकर कर बावड़ी सौंथलिया करने की मांग रखी गई । ग्रामीणों ने बताया कि दोनों स्टेशनों के नाम परिवर्तन को लेकर ग्रामीणों की कई सालों से मांग चली आ रही है। पूर्व में भी कई बार रेल मंत्री व पूर्व क्षेत्रीय विधायकों , शिविरों , अधिकारीयों सहित अन्य को दोनों गांवों के रेलवे स्टेशनों के नाम परिवर्तन को लेकर ज्ञापन दिया जा चुका है । लेकिन आज तक दोनों स्टेशनों का नाम परिवर्तन नहीं हुआ है। दोनों स्टेशनों पर भी यात्री भार अधिक रहता है।



