उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, 868 पुलिसकर्मियों की तैनाती

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने बिजली चोरी रोकने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) में 868 पुलिसकर्मियों की दो वर्ष की प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी किया है। इस पहल का उद्देश्य बिजली चोरी के मामलों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करना और ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
आदेश के तहत, 155 वरिष्ठ उपनिरीक्षक (प्रोन्नत), 417 हेड कांस्टेबल (प्रोन्नत), और 326 कांस्टेबल को पावर कॉरपोरेशन में तैनात किया जाएगा। ये पुलिसकर्मी राज्य के सभी जिलों में बिजली चोरी रोकने के लिए स्थापित विशेष थानों में कार्य करेंगे। प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने पर इन्हें उनके मूल तैनाती स्थल पर वापस भेजा जाएगा। डीजीपी ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से पावर कॉरपोरेशन में तैनात किया जाए। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों के अनुसार, यह तैनाती बिजली चोरी के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाएगी। पहले अभियान चलाने में स्थानीय पुलिस थानों की सहायता लेनी पड़ती थी, जिससे समय और समन्वय की कमी की समस्या होती थी। अब पावर कॉरपोरेशन के पास अपनी समर्पित पुलिस इकाई होगी, जो निरंतर और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
पावर कॉरपोरेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन पुलिसकर्मियों की तैनाती से बिजली चोरी के खिलाफ अभियान को नई गति मिलेगी। यह कदम न केवल बिजली चोरी की घटनाओं को कम करेगा, बल्कि ऊर्जा वितरण प्रणाली की दक्षता में भी सुधार लाएगा। विशेष थानों के माध्यम से नियमित निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई की जाएगी, जिससे बिजली चोरी करने वालों में खौफ पैदा होगा। इस निर्णय से पावर कॉरपोरेशन को बिजली चोरी के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और सशक्त करने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह कदम राज्य में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और वित्तीय स्थिरता को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। बिजली चोरी रोकने के लिए चलाए जाने वाले अभियानों में अब तेजी आएगी, और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।



