बरेली
ज्ञान प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती आराधना तिवारी बनी इसका उदाहरण

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली : छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय का 40वां दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के वीरांगना लक्ष्मीबाई सभागार में संपन्न हुआ । राज्यपाल महोदया और कुलाधिपति छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा सभी मेडल प्राप्त करने वाले छात्रों को और पीएचडी अवार्ड किए गए छात्रों को उपाधियां प्रदान की गईं । इसमें कुछ पदक प्राप्तकर्ता ऐसे थे जिन्होंने आज के युवाओं को अपनी उपलब्धियों से संदेश दिया कि ज्ञान प्राप्त करने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं I
विधि स्नातक ( LLB) परीक्षा में प्रथम व द्वितीय स्थान क्रमशः सुश्री आराधना तिवारी और रजत कुमार सिंह ने प्राप्त किया, दोनों लोगों को कुलाधिपति कांस्य पदक से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त सुश्री आराधना को हींगवाला स्व. बाबू तारा चंद्र कपूर स्वर्ण पदक, स्व. बैरिस्टर नरेंद्रजीत सिंह स्मारक स्वर्ण पदक, स्वर्गीय सुशीला नरेंद्र जीत सिंह स्वर्ण पदक से भी सम्मानित किया गया।
आराधना तिवारी, जो भारतीय स्टेट बैंक बरेली में मुख्य प्रबंधक के पद से स्वैच्छिक रूप से सेवानिवृत हुई हैं, ने बताया, पिताजी स्व. महावीर प्रसाद तिवारी राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर थे माता स्वर्गीय विजय श्री तिवारी स्वयं दो विषयों से परास्नातक थीं और सभी भाई- बहन शिक्षा के क्षेत्र में ही कार्यरत हैं अतः घर में हमेशा से पढ़ाई का माहौल था। परिवार के सदस्यों ने न सिर्फ सहयोग किया बल्कि ज्ञानार्जन हेतु उनका मनोबल हमेशा बढ़ाया। आराधना जो भारतीय स्टेट बैंक में आने से पहले क्रमशः भारतीय जीवन जीवन बीमा निगम और राजकीय इंटर कॉलेज उन्नाव में कार्यरत थीं, ने नौकरी के साथ-साथ इतिहास, हिंदी और अर्थशास्त्र विषयों में परास्नातक किया और भारतीय स्टेट बैंक से सेवानिवृत्ति लेने के बाद एलएलबी में प्रवेश लिया। उनका मानना है कि पढ़ाई के लिए कोई उम्र की सीमा नहीं है, अपने कार्य के साथ साथ और किसी भी उम्र में ज्ञानवर्धन किया जा सकता है I



