गोड्डा
खाई में कार गिरने से तीन की दर्दनाक मौत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
महागामा। महागामा अनुमंडल क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को शोकाकुल कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिग्घी-महागामा मुख्य मार्ग पर शीतल गांव के समीप एक कार अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान उर्जानगर निवासी योगेंद्र यादव (कृष्णा मिष्ठान भंडार के मालिक), उनकी पत्नी बिंदेश्वरी देवी और पड़ोसी महिला कौशल्या देवी (पत्नी विभीषण सिंह) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि तीनों दुर्गा पूजा के अवसर पर गंगा स्नान कर घर लौट रहे थे। तभी शीतल गांव के मोड़ के पास यह भीषण हादसा घटित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क किनारे सुरक्षा रेलिंग (ब्रैकेट) की अनुपस्थिति के कारण कार सीधी खाई में जा गिरी। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सड़क निर्माण एजेंसी और प्रशासन की ओर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती रही है। लोगों का कहना है कि यदि सड़क किनारे मजबूत रेलिंग होती तो शायद यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। सामाजिक और मिलनसार स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले योगेंद्रने यादव और उनके परिवार की इस तरह अचानक हुई मौत से हर कोई स्तब्ध है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और सड़क किनारे सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। सूचना मिलते ही महागामा एसडीपीओ चन्द्रशेखर आजाद, महागामा थाना प्रभारी शिवदयाल सिंह और हनवारा थाना प्रभारी राजन कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। जेसीबी मशीन मंगवाकर कार को खाई से बाहर निकाला गया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शवों को महागामा ले जाया गया।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि प्रशासन और निर्माण एजेंसी ने समय रहते सुरक्षा उपाय किए होते तो कई जिंदगियां बच सकती थीं। इस हादसे ने न केवल तीन परिवारों को उजाड़ दिया। बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन की ओर टिकी हैं कि कब तक लापरवाही खत्म होगी और सड़क सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।



