सिंगरौली
मेडिकल कॉलेज में सिंगरौली के यश के साथ पांच अन्य छात्रों ने लिया एडमिशन
आज से प्रवेश लेने आएंगे स्टेट कोटे के भी छात्र, 25 तक चलेगा नेशनल कोटे के छात्रों का एडमिशन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली । सिंगरौली जिला अब मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में आज से अपना नाम जुडवा लिया है अब यहां मेडिकल शिक्षा के लिए छात्रों को कहीं अन्य जाने की आवश्यकता नहीं होगी अब सिंगरौली में मेडिकल की शिक्षा प्राप्त कर अपना व अपने जिले के नाम को रोशन करेंगें। बता दें कि सिंगरौली में बीते साल से चल रही कवायद अंततः इस वर्ष पूरी हो गई। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज सिंगरौली के लिए सोमवार का दिन यादगार बन गया, जब पहले छात्र ने एमबीबीएस में एडमिशन लिया। नेशनल कोटे के उस छात्र का डीन डॉ. आरडी दत्त व असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनिल सिंह बघेल के साथ ही समस्त फैकल्टी ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके साथ ही सिंगरौली का नाम चिकित्सा शिक्षा में शामिल हो गया। आज शासकीय मेडिकल कॉलेज, सिंगरौली में प्रथम सत्र का शुभारंभ हुआ। NEET परीक्षा के माध्यम से चयनित छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लेकर नए सफर की शुरुआत की। जहाँ जिला सिंगरौली के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने आए छात्र छात्राओं में सिंगरौली जिले के चितरंगी से यश, सतना से तसमिया, हरियाणा अनुराग, राजस्थान से अभिलाषा व तमीका शामिल हैं। आज कुल छः छात्र छात्राओं ने एडमिशन लिया।
दरअसल, मेडिकल कॉलेज में पिछले साल ही पढ़ाई शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन समय पर भवन निर्माण पूरा न होने और फैकल्टी नियुक्त न होने के कारण मेडिकल काउंसिल से सीटों की मान्यता नहीं मिल सकी। इस साल एक बार भौतिक निरीक्षण में चिन्हित की गईं कमियों को दूर करने के बाद जब वर्चुअल निरीक्षण में सब कुछ सही मिला तो गत माह मेडिकल कॉलेज के भवन का लोकार्पण और 100 सीट आवंटन दोनों एक साथ किया गया। डीन डॉ. आरडी दत्त ने बताया कि अखिल भारतीय स्तर की निर्धारित 15 सीटों में से 14 का एलॉटमेंट हो गया है। जिसमें से एक छात्र ने सोमवार को प्रवेश लिया। इस कोटे के शेष छात्र मंगलवार और बुधवार को प्रवेश लेने आएंगे। इसके साथ ही मंगलवार से स्टेट कोटे के छात्रों का भी आना शुरू हो जाएगा। स्टेट कोटे की 85 में से 80 सीटों पर एलॉटमेंट हो गया है। यानी अब इसमें 5 सीटें ही शेष हैं।
इस वर्ष मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र शुरू होगा और छात्रों के एडमिशन होंगे। इसके बाद भी सड़क निर्माण के साथ ही बिजली और पेयजल की व्यवस्था के लिए गंभीरता से प्रयास नहीं किए गए, जबकि मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बिजली के लिए करीब छह माह पहले ही विभाग के पास आवेदन किया था।पेयजल पाइपलाइन बिछाने का आवेदन नगर निगम में देने के साथ ही जिला प्रशासन को पत्र के माध्यम से सड़क निर्माण की याद दिलाई थी, मगर तीनों जिम्मेदार उदासीन बने रहे। इसका खामियाजा प्रवेश लेने वाले छात्र और मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी भुगतेगी।
इस अवसर पर सिंगरौली विधायक राम निवास शाह, जिला कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला, पुर्व जिला उपाध्यक्ष अरविंद दुबे, मेडिकल कॉलेज के डीन आर. डी. दत्त सहित कॉलेज के डॉक्टर व स्टाफ उपस्थित रहे।



