मुरादाबाद
नगर निगम में टैंडर मेनेज कराने को लेकर नगर आयुक्त मेयर पार्षदों और चीफ इंजीनियर में मतभेद

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मुरादाबाद। नगर निगम इन दिनों काफी चर्चा में है चाहे विकास का कार्य हो चाहे निर्माण कार्य को लेकर टैंडर प्रक्रिया हो इन दिनों नगर निगम में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है बड़े साहब, मेयर और निर्माण चीफ तीनों के मत टैंडर प्रक्रिया को लेकर अलग अलग है जानकारी मिली है कि टैंडर मेनेज कराने के लिए साहब और मेयर मुरादाबाद के नाम पर एक ठेकेदार द्वारा 10 % अतिरिक्त अनुचित लाभ इकठ्ठा किया जा रहा है और धड़ल्ले से जो टैंडर कभी 15, 20 पर्सेंट रेट ब्लो पर मंजूर किए जा रहे थे वो आज एस्टीमेट रेट पर मेनेज कराये जा रहें हैं उस पर ईमानदार मेयर विनोद अग्रवाल और बेहद ईमानदार नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल का मत एक है वह दोनों लोग टैंडर मेनेज कराने के पक्ष में हैं कि सरकार को नुकसान होता है तो हो हमें जैसे अतिरिक्त लाभ मिल रहा है मिलता रहे सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि अभी हाल ही में कुछ पार्षद मेयर से मिले थे और उन्होंने इस टैंडर मेनेज प्रक्रिया का विरोध करते हुए पूछा था कि टैंडर आपके प्रतिनिधि क्यों बांट रहे हैं और ये जो टैंडर मेनेज के लिए 10 पर्सेंट अतिरिक्त इकठ्ठा हो रहा है वह कहां जा रहा है तब जानकारी मिली कि 5 पर्सेंट बेहद ईमानदार नगर आयुक्त और 1.50 पर्सेंट मेयर बाकी का 3.50 पर्सेंट मेयर के अनावश्यक प्रतिनिधि और इस चक्रव्यूह को रचने वाला ठेकेदार खा रहा है। नाम न बताने की शर्त पर एक पार्षद ने इस घोटाले से अवगत कराया है और यह भी बताया कि टैंडर गिने-चुने ठेकेदारों को दिए जा रहे हैं और जो ठेकेदार 10 -15% ब्लो डालता है उसके टैंडर निरस्त हो रहें हैं जबकि शासनादेश है कि जिसके सबसे कम रेट होंगे वो मंजूर होगा यहां भी ऐसे ही हो रहा है जैसे एक विभाग की जांच चल रही है नगर निगम की भी जांच होनी चाहिए
वार्ड 39 के पार्षद
वार्ड 39 की पार्षद कोमल रस्तोगी के सुसर जो उनकी पार्षदी का कार्य देखते हैं योगेन्द्र रस्तोगी उनसे जानकारी ली गई थी तो उन्होंने कहा कि हम इसके पक्ष में नहीं है हम जैसे पहले टैंडर ब्लो जा रहे थे उसके पक्ष में हैं और हम कई पार्षद मेयर साहब से अपना विरोध जता आये है क्योंकि ब्लो डलता था तो रुपए बचता था जिसमें और ज्यादा काम हो जाते थे और ठेकेदारों के पेमेंट भी आसानी से हो जाते थे।
वार्ड 34 के पार्षद
वार्ड के पार्षद सुरेन्द्र विशनोई से भी संपर्क करने की कोशिश की पर उनका भी फोन नहीं उठा
जानकारी मिली है कि जिन पार्षदों ने मेयर के यहां जाकर विरोध किया है मेयर ने उनके वार्ड में जो ठेकेदार काम कर चुके हैं उनका पेमेंट न कराने की धमकी दी है। यानी मुख्यमंत्री का आदेश है कि समय से सबका पेमेंट होना चाहिए और यहां मेयर ही मुख्यमंत्री से ऊपर हो गये और शायद उनका सोचना भी यही है कि मुरादाबाद में मेरी सरकार चलती है पता चला है कि अब पार्षदों ने टैंडर मेनेज प्रक्रिया के खिलाफ मंडलायुक्त के यहां शिकायत करने की योजना बनाई है।
हमने एई विजेंद्र यादव से भी संपर्क करने की कोशिश की पर फोन नहीं उठा जबकि मुख्यमंत्री के आदेश है कि कोई अधिकारी मिडिया से दूरी न बनाएं
नेशनल प्रेस टाइम्स की टीम ने पदेन सदस्य और एम एल सी गोपाल अंजान से बात की
उन्होंने कहा कि मेरा संज्ञान में ये मामला बिल्कुल सही है आपने मेरी जानकारी में डाला है मैं निगम के सारे जिम्मेदार अधिकारियों से पूछूंगा और यहां से काम नहीं चला तो मुख्यमंत्री जी को अवगत कराऊंगा
इस संबंध में निर्माण चीफ इंजीनियर का क्या कहना है
कई पत्रकारों द्वारा निर्माण चीफ से फोन पर बात की गई तो पहले उन्होंने मुंह नहीं खोला फिर बाद में दबे शब्दों में कहा कि मेनेज कराने की ये प्रक्रिया गलत इससे सरकार का नुक़सान है मैं इसके पक्ष में नहीं हूं पर मजबूर हूं नगर आयुक्त और मेयर की सहमति से ये सब हो रहा है इससे साबित होता है कि नगर आयुक्त ने ठान ली है कि जो होता है हो हम नहीं सुधरेंगे। *इन पर वो लाइन सही बैठती है हम भाई जैसे हैं वैसे से रहेंगे।*





