बेतुल
बैतूल अवैध रेत परिवहन से राजस्व को चूना, प्रशासन मौन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
सारनी। शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में नदी-नालों से अवैध रूप से रेत निकासी और परिवहन का सिलसिला लगातार जारी है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से रेत धोकर बाजार में बेचे जाने से राजस्व विभाग को प्रत्यक्ष रूप से लाखों का नुकसान हो रहा है। वहीं दूसरी ओर अनियंत्रित खनन से पर्यावरण पर गंभीर संकट मंडरा रहा है और नदियों के प्राकृतिक अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका क्षेत्र में ठेकेदार भी इन्हीं अवैध साधनों से प्राप्त रेत का उपयोग कर बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य कर रहे हैं। टेंडरों की पूर्ति में इन नादान नालों से निकली रेत को शामिल कर प्रशासन की आँखों में धूल झोंकी जा रही है। परिणामस्वरूप आमजन को वैध रेत महंगे दामों पर खरीदनी पड़ रही है, जिससे निर्माण कार्यों की लागत कई गुना बढ़ गई है।सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में सक्रिय ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के मालिकों द्वारा दिन-रात अवैध रेत ढुलाई की जा रही है। इस खुलेआम हो रहे कारोबार पर खनिज विभाग और प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।इस गंभीर विषय पर चर्चा करते हुए जिला बैतूल खनिज अधिकारी मनीष पालेवार ने दूरभाष पर बताया कि—
“जल्द ही विभागीय टीम भेजकर अवैध खनन और रेत परिवहन में लिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्थिति में राजस्व को हानि और पर्यावरण से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा अब देखना यह होगा कि विभागीय कार्रवाई केवल आश्वासन तक सीमित रहती है या सचमुच इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की ठोस पहल होती है।



