
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर आज शुक्रवार को उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, सिकल सेल एनीमिया, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, आयुष्मान कार्ड निर्माण, राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, एनसीडी स्क्रीनिंग, मलेरिया-डेंगू-फाइलेरिया नियंत्रण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, डायलिसिस यूनिट, स्कूल स्वास्थ्य शिविर तथा एनक्यूएएस प्रमाणन की स्थिति पर चर्चा की गई।
समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिले में सिकल सेल एनीमिया जांच 95% से अधिक पूर्ण हो चुका है तथा माइग्रेटेड लोगों की भी जांच सुनिश्चित की जा रही है। स्वास्थ्य नारी अभियान और शिविरों के माध्यम से शेष नागरिकों की जांच शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन 100% (269 संस्थान) एवं हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री में डॉक्टर और नर्सों का पंजीकरण पूर्ण कर लिया गया है। प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड निर्माण में गुमला जिला राज्य में तीसरे स्थान पर है और अब तक 4,66,119 कार्ड बन चुके हैं, जबकि कुल उपलब्धि 53% से अधिक है।
राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रत्येक पंचायत में शत-प्रतिशत नागरिकों का Sputum Test कराने के निर्देश दिए गए। एनसीडी स्क्रीनिंग में 93% नागरिकों की जांच पूर्ण की गई है, वहीं मधुमेह और उच्च रक्तचाप से संबंधित प्रविष्टियों को सही ढंग से अद्यतन करने पर बल दिया गया। मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 92% गर्भवती महिलाओं का चेकअप किया गया है तथा सहिया के सहयोग से मासिक कैलेंडर तैयार कर सेवाओं को और सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर को NQAS असेसमेंट (द्वितीय चरण) हेतु तैयार किया जा रहा है, जिस पर उप विकास आयुक्त ने विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में यह भी बताया गया कि विद्यालयों में आयोजित हुए शिविरों में अब तक 12,934 बच्चों का स्क्रीनिंग तथा 9,531 बच्चों का हीमोग्लोबिन जांच किया गया है। मलेरिया, डेंगू और फाइलेरिया नियंत्रण को लेकर भी चर्चा हुई और रोकथाम उपायों को सघनता से लागू करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त डायलिसिस यूनिट एवं MTC बेड ऑक्युपेंसी की स्थिति की समीक्षा करते हुए, ऑक्युपेंसी दर में सुधार हेतु कार्ययोजना बनाकर उसे लागू करने पर बल दिया गया। जिला अस्पताल में तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की स्थिति और औसत स्कैन रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई।
बैठक के अंत में उप विकास आयुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी सभी योजनाएँ सीधे जनता के हित से संबंधित हैं, इसलिए अधिकारियों को चाहिए कि शेष कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करें, पारदर्शिता बनाए रखें और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना सुनिश्चित करें।
इस दौरान मुख्य रूप से सिविल सर्जन गुमला, सहित स्वास्थ्य विभाग के सम्बंधित डॉक्टर्स, अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे ।।


