पाकुड़

जिला प्रशासन की सराहनीय पहल, दुर्गापूजा 2025 में सर्वश्रेष्ठ पंडालों को मिलेगा पुरस्कार

A commendable initiative by the district administration, awards will be given to the best pandals during Durga Puja 2025.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। उपायुक्त ने सभी पूजा पंडाल समितियों से अनुरोध किया है कि वे इस पहल में सक्रिय भाग लें और दुर्गापूजा के इस महापर्व को स्वच्छ, सुरक्षित और सामाजिक रूप से सार्थक बनाने में जिला प्रशासन का सहयोग करे।

पुरस्कार वितरण: 15.10.2025 को किया जावेगा।

जिला प्रशासन, पाकुड़ दुर्गापूजा-2025 के पावन अवसर पर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सौहार्दपूर्ण, स्वच्छ और सामाजिक रूप से जिम्मेदार वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सर्वश्रेष्ठ पूजा पंडालों को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है। यह पुरस्कार उन पूजा समितियों को सम्मानित करेगा, जो न केवल कलात्मकता और भक्ति का उत्कृष्ट प्रदर्शन करती हैं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों का भी उत्कृष्ट निर्वहन करती हैं।

पूजा पंडालों को तीन श्रेणियाँ में निम्न प्रकार से बांटा गया:

1. छोटे पंडाल: श्रद्धालुओं की अनुमानित संख्या 1000–1500

2. मध्यम पंडाल: श्रद्धालुओं की अनुमानित संख्या 1000–5000

3. बड़े पंडाल: श्रद्धालुओं की अनुमानित संख्या 5000 से अधिक

पंडालों का मूल्यांकन प्रक्रिया:

1.आत्म-मूल्यांकन: सभी पूजा समितियों द्वारा Google शीट / डॉक्यूमेंट के माध्यम से आत्म मूल्यांकन फार्म भरा जाएगा। इसका 50% वेटेज दिया जायेगा।

2. जिला स्तरीय टीम का मूल्यांकन: गठित जिला स्तरीय टीम द्वारा पंडालों का क्षेत्र भ्रमण कर 30% वेटेज दिया जायेगा।

3. जन प्रतिक्रिया: श्रद्धालुओं द्वारा QR Code स्कैन के माध्यम से दी गई रेटिंग के अनुसार 20% वेटेज दिया जायेगा।

Google शीट / डॉक्यूमेंट एवं QR Code जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे।

पुरस्कार के मापदंड:

सामाजिक कार्य:रक्तदान शिविर(प्रत्येक 5 यूनिट पर 1 अंक) अपेक्षित 25 यूनिट = 5 अंक। टीबी मरीज को गोद लेना (10 मरीज) = 5 अंक।

बायोडिग्रेडेबल सामग्री:मूर्ति निर्माण में बायोडिग्रेडेबल सामग्री, प्लास्टिक मुक्त, डोना (पत्ते/पेपर प्लेट), सूती कपड़ा का उपयोग = 5 अंक।

जागरूकता होर्डिंग / फ्लैक्स (8×6): बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पोषण माह, स्वतंत्रता ही सेवा, स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार, कालाजार/टीबी/फाइलेरिया जागरूकता = 10 अंक।

साफ-सफाई अभियान: पंडाल के आस-पास की सफाई, डस्टबिन (गीला/सूखा), साइनज = 10 अंक।

प्रमाण पत्र: तम्बाकू मुक्त, बाल श्रम मुक्त, बाल विवाह/नशा मुक्ति/बाल शोषण, झूला फिटनेस आदि =10 अंक।

सीसीटीवी कवरेज:पूरे पंडाल का कवरेज, साइनज, कंट्रोल रूम मॉनीटरिंग = 10 अंक।

प्रबंध:पुरुष/महिला प्रवेश गेट अलग, स्वयंसेवकों के लिए कार्ड/टी-शर्ट/सिटी आदि =5 अंक।

हेल्प डेस्क + मेडिकल डेस्क: योजना घोषणा, खोया-पाया अनाउंस, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था = 5 अंक।

Roots, Tradition & Culture (संस्कृति):भक्ति जागरण, पारंपरिक खान-पान, प्रसाद वितरण, पेयजल व्यवस्था= 5 अंक।

प्रकाश एवं ध्वनि:बिना कवर तार न होना, लाइट गेट, रात 10 बजे बाद लाउडस्पीकर बंद, विसर्जन जुलूस में DJ न होना = 10 अंक।

शपथ:कॉमन शपथ, कर्मयोगी शपथ आदि = 5 अंक।

विसर्जन: सुव्यवस्थित वाहन फिटनेस, गुणवत्ता, रूट एवं समय = 10 अंक।

यातायात, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन:खुला स्थान, उचित पार्किंग, लाइव शो न होना, सेल्फी भीड़ न होना, यातायात सुगम (स्वयंसेवक) = 5 अंक।

पुरस्कार वितरण:

तीनों श्रेणियों में चयनित पंडालों में प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ और पंचम स्थान प्राप्त करने वाले पंडालों को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही तीन सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए जायेंगे।

निष्पक्ष मूल्यांकन हेतु पाँच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जो पूजा के दौरान विभिन्न पंडालों का भ्रमण कर उपरोक्त मानदंडों के आधार पर मूल्यांकन करेगी।

उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि “हमारा लक्ष्य केवल पूजा के रंग और भक्ति तक सीमित नहीं है। दुर्गापूजा 2025 के माध्यम से हम समाज में स्वच्छता, सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी के संदेश को भी फैलाना चाहते हैं। मैं सभी पूजा समितियों से अपील करता हूँ कि वे इस पहल में उत्साहपूर्वक भाग लें और अपने पंडालों को स्वच्छ, सुरक्षित और सामाजिक दृष्टि से जिम्मेदार बनाएं।

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