मेरठ

पटाखों का स्टॉक मिले तो डॉग स्कवायड और बम निरोधक दस्ते की सहायता लेने का डीआईजी के निर्देश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

मेरठ। डीआईजी रेंज कलानिधि नैथानी ने रेंज की पुलिस को निर्देश दिये हैं कि आगामी विजयदशमी एवं दीपावली के त्यौहार पर लोग पटाखे/ आतिशबाजी का प्रयोग करते है। पटाखे / आतिशबाजी के निर्माण संग्रहण के समय असावधानीवश एवं कतिपय प्रकरणों मे अवैध संचालन / परिवहन के कारण दुर्घटना घटित होने की सम्भावना बनी रहती है। यदि ऐसे में कहीं भी पटाखों का स्टॉक पकड़ा जाता है तो डॉग स्कवायड और बम निरोधक दस्ते की सहायता ली जाये। विस्तृत निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि विस्फोटक नियमावली 2008 के नियम 83,84,85,86 मे निहित अस्थायी दुकानों/ भण्डारण/ निर्माण/ परिवहन हेतु निहित प्रावधानो का अनुपालन सुनिश्चित करें। थाना स्तर पर पूर्व मे विस्फोटक पदार्थाे की दुकाने लगाने वाले व्यापारियों/दुकानदारो के साथ गोष्ठी आयोजित कर मानको व निर्देशों से अवगत करा दिया जाये। पटाखों/आतिशबाजी के विक्रेताओं द्वारा अवैध आतिशबाजी निर्माण हेतु बारूद के अवैध भण्डारण के कारण कतिपय दुर्घटनायें घटित हुई हैं, जिनमें जनहानि के साथ चल-अचल सम्पत्ति की भी भारी क्षति होती है। अतः ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने हेतु विस्फोटकों के भण्डारण/निर्माण/विक्रय व आतिशबाजी की दुकानों के अस्थाई/स्थाई लाइसेंस धारकों को निर्देश निर्गत कर उनका अनुपालन सुनिश्चित करा लिया जाए । प्रशासनिक अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर जनपद में सभी अनुज्ञापी आतिशबाजी के निर्माता के भंडार गृहों की चौकिंग कर ली जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि सुनिश्चित कर लिया जाए कि विस्फोटक सामग्री का संग्रहण आबादी क्षेत्र मे नही होना चाहिए, ना ही विस्फोटक साम्रगी की मात्रा लाइसेन्स में वर्णित सीमा से अधिक होनी चाहिए। एलआईयू एवं स्थानीय थानो के द्वारा भी गोपनीय सूचना एकत्र की जाये कि अनुज्ञापियों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा अवैध रुप से आतिशबाजी निर्माण/ संग्रहण तो नहीं किया जा रहा है। यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा इस प्रकार का अवैध संग्रहण किया जा रहा हो तो उसके विरूद्ध प्राथमिकता के आधार पर नियमानुसार प्रभावी कार्यवाही की जाए। विस्फोटक सामग्री की अवैध बिक्री एवं निर्धारित मानकों के विपरीत विस्फोटक पदार्थों का प्रयोग करने वाले विक्रेताओं के विरूद्ध नियमानुसार जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही कर ली जाए।

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