लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग की आकस्मिक मृत्यु
विधायक अखिल गोगोई का अनिश्चितकालीन हड़ताल और CBI जांच की मांग, सोशल मीडिया पर राज्यवासियों का विरोध

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम के दिलों के धरकन तथा बेहद लोकप्रिय गायक, अभिनेता, संगीतकार और गीतकार जुबिन गर्ग की मृत्यु ने असमवासियों के बीच गहरा शोक और संदेह पैदा कर दिया है। 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में तैराकी के दौरान जुबिन गर्ग की रहस्यमयी आकस्मिक मौत की घटना ने पूरे राज्य और संगीत जगत को हिला कर रख दिया और गहरे शोक में डुबो दिया। वे नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल में भाग लेने के लिए सिंगापुर गए थे, उसी दौरान यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। पत्रकारों, कलाकार समाज और राजनीतिक नेताओं ने इसे अस्वाभाविक मृत्यु बताया है और CID व SIT की जांच में अधिक पारदर्शिता और तत्परता की मांग की है। इसी परिस्थिति में असम के शिवसागर के विधायक एवं रायजोर दल के नेता अखिल गोगोई ने 30 सितंबर से चचल में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू किया है। उनका मुख्य दावा है — जुबिन की मृत्यु की घटना की सच्चाई सामने लाई जाए और जांच CBI को सौंपी जाए ताकि पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की भी मांग की है। अखिल गोगोई ने इस घटना में अपराधियों को मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा द्वारा दिए गए VIP ट्रीटमेंट की तीव्र आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जब साधारण चोर या मुर्गी चोर तक को एनकाउंटर में मार दिया जाता है, तो इस गंभीर मामले से जुड़े अपराधियों को VIP ट्रीटमेंट कैसे दिया जा सकता है? उन्होंने असम पुलिस और सरकार से भी मांग की कि पारदर्शी और निष्पक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए जुबिन गर्ग की मौत से जुड़े सभी लोगों की गिरफ्तारी की जाए। इसके अलावा, उत्तर-पूर्व महोत्सव से जुड़े आर्थिक घोटाले और कई राजनीतिक नेताओं की संलिप्तता पर भी संदेह जताया गया है। उन्होंने फैशन शो और अन्य संदिग्ध आयोजनों में जारी अनियमितताओं की आलोचना करते हुए कहा कि इन्हें भी जांच के दायरे में लाना चाहिए। यह घटना असमवासियों, संगीत प्रेमियों और राजनीतिक समाज को एकजुट कर रही है। कई स्थानों पर विशाल शोकसभा, स्मृति सभा और विरोधी रैलियां आयोजित की गई हैं। जुबिन गर्ग की पत्नी गरिमा शैखिया गर्ग ने उस दिन जुबिन के साथ मौजूद सभी लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है और आगे की गहन जांच, साथ ही फास्ट ट्रैक अदालत के माध्यम से कड़ी सजा की मांग की है। अखिल गोगोई ने घोषणा की है कि आवश्यकता पड़ने पर वे विधायक पद से इस्तीफा देंगे और किसी भी कीमत पर इस मृत्यु मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए जरूरत पड़ने पर राजनीति भी छोड़ देंगे। इस आंदोलन ने असम के राजनीतिक परिदृश्य में नई दिशा उत्पन्न की है। सामान्य जनता ने इस घटना को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है और न्याय एवं सत्य के उद्घाटन की आशा जताई है। असम का संगीत, संस्कृति और पूरा समाज एकजुट होकर इस महान कलाकार की स्मृति में गहन शोक प्रकट कर रहा है और न्याय की मांग कर रहा है। सोशल मीडिया पर भी जुबिन गर्ग के लिए न्याय की जोरदार मांग उठ रही है और राज्यवासी उनकी मृत्यु के उचित न्याय की मांग कर रहे हैं।



