हिन्दू-मुस्लिम सौहार्द की मिसाल बने रेहान खान
नवरात्रि के हर दिन दुर्गा पूजा पंडालों में हो रहे शामिल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी। एक ओर जहां उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में आई लव मोहम्मद के जुलूस निकालकर हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे और धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिशें हो रही हैं, वहीं अमेठी के पुराने रायपुर फुलवारी निवासी मुस्लिम समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेहान खान ने आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की है।
रेहान खान शारदीय नवरात्रि के प्रत्येक दिन क्षेत्र के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों में पहुंचकर संध्या आरती में शामिल हो रहे हैं। इस दौरान वह आयोजकों और पुजारियों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित करते हैं। पूजा आरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद स्वरूप फल वितरित कराते हुए वह मां दुर्गा का आशीर्वाद भी प्राप्त कर रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार की शाम नवरात्रि के अष्टमी पर वह अमेठी के सरायखेमा में आयोजित न्यू जागृत दुर्गा पूजा पंडाल पहुंचे। जहां उन्होंने सर्वप्रथम आयोजक हृदय राम चौहान को मां दुर्गा की प्रतिबिंब और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। वहां पर मौजूद पुजारी गिरिजा शंकर पांडेय और सम्मानित लोगों में सूरज बघेल, दीपक मौर्य, सुरेंद्र कश्यप, मनोहर प्रधान, चंद्रेश प्रजापति, गुरुदीन चौहान को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने मां दुर्गा की संध्या आरती में शामिल होकर श्रद्धालुओं को केला और सेब प्रसाद के रूप में वितरित कराया।
पुजारी गिरिजा शंकर पांडेय ने कहा कि रेहान खान एक मुस्लिम होने के बाद भी हमारे पर्व पर आरती करने और प्रसाद वितरण करने आए है कुछ लोग हमें धर्म और जाति के नाम पर बांटते है ऐसा कुछ होता नहीं है उदाहरण के रूप में रेहान खान जी हमारे सामने है ये गलत मानसिकता के लोग है जो कि हिंदू मुस्लिम करते रहते है।
रेहान खान ने कहा कि नफरत के माहौल में हम यह संदेश देने आए है मैं आपका सबसे छोटा बेटा हूं आप चाहे दिन हो रात कभी भी याद करेंगे हर सुख दुख में खड़ा रहूंगा। नवरात्रि पर्व शक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। मां दुर्गा की पूजा में शामिल होकर उन्हें हिंदू भाईयों का प्यार और आशीर्वाद मिल रहा है। समाजसेवा के साथ इस पावन पर्व पर मेरा उद्देश्य यही है कि समाज में आपसी भाईचारा और गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत किया जाए। धर्म हमें जोड़ता है, बांटता नहीं। हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह सौहार्द बनाए रखने के योगदान के साथ एक-दूसरे के धर्मों को सम्मान दे। इस मौके पर विवेक पांडेय, अनिल सिंह, सुनील वर्मा के साथ बड़ी संख्या में ग्रामवासी व श्रद्धालु मौजूद रहे।

