लखनऊ

लखनऊ राजस्व मामलों के निस्तारण में नंबर वन

मुख्यमंत्री योगी की सख्त निगरानी से आई उत्कृष्ट प्रगति

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग में डिजिटल क्रांति की लहर तेज हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कड़े निर्देशों और निरंतर निगरानी के फलस्वरूप राज्य के राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (RCCMS) की सितंबर 2025 की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ जिला देश के शीर्ष स्थान पर काबिज है, जहां सबसे अधिक राजस्व संबंधी मामले निस्तारित किए गए हैं।

इस उपलब्धि का श्रेय निश्चित रूप से जिलाधिकारी (IAS) विशाख जी को जाता है, जिनकी सक्रिय भूमिका और टीम वर्क ने लखनऊ को यह सम्मान दिलाया है। RCCMS पोर्टल (vaad.up.nic.in) के माध्यम से जारी आंकड़ों से स्पष्ट है कि सितंबर माह में लखनऊ में हजारों लंबित वादों का त्वरित निपटारा हुआ, जो राज्य सरकार की ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम है।

प्रमुख आंकड़े जो बता रहे हैं सफलता की कहानी: कुल निस्तारित मामले: सितंबर 2025 में लखनऊ ने पूरे उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 15,000 से अधिक राजस्व वादों का समाधान किया।
प्रगति दर: पिछले वर्ष की तुलना में 35% की वृद्धि, जो RCCMS की डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम का कमाल है। मुख्य श्रेणियां: भूमि विवाद, नामांतरण, वरासत और भू-राजस्व संबंधी मामले प्रमुख रूप से निस्तारित। राज्य स्तर पर: लखनऊ के बाद प्रयागराज और वाराणसी का स्थान रहा, लेकिन राजधानी की लीडरशिप बेजोड़ रही।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक उच्च स्तरीय बैठक में राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि लंबित मामलों को तीन माह के अंदर शत-प्रतिशत निस्तारित किया जाए। उनकी इस पहल ने न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाई है, बल्कि आम जनता को भी सरकारी सेवाओं का त्वरित लाभ पहुंचाया है जिलाधिकारी विशाख जी ने कहा, “यह सफलता हमारी संयुक्त टीम प्रयास का परिणाम है। RCCMS जैसी डिजिटल प्रणाली ने पारदर्शिता सुनिश्चित की है, और हम आने वाले महीनों में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को राजस्व सुधारों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। नागरिक अब vaad.up.nic.in पोर्टल पर जाकर अपने मामले की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं, जिससे कागजी घमासान की जरूरत खत्म हो गई है।

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