
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मथुरा में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मिशन शक्ति 5.0 के तहत एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी पुलिस लाइन सभागार में हुई, जिसमें जिले के सभी 22 थानों पर नवसृजित मिशन शक्ति केंद्रों में नियुक्त पुलिस प्रभारी और महिला कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने की। संगोष्ठी में अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा की गई और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने महिला अपराधों से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करते हुए बताया कि महिला अपराधों के मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई आवश्यक है, ताकि पीड़िता को न्याय और सुरक्षा का भरोसा मिल सके। प्रशिक्षण सत्र के दौरान, पुलिसकर्मियों को लैंगिक संवेदनशीलता, पीड़िता केंद्रित इंटरव्यू तकनीक, ट्रॉमा इनफॉर्म्ड केयर और आर्थिक सहायता योजनाओं जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि पीड़िताओं से बातचीत करते समय सहानुभूति और धैर्य बनाए रखना चाहिए, ताकि वे सहज महसूस कर अपनी समस्या साझा कर सकें। संगोष्ठी में यह स्पष्ट किया गया कि मिशन शक्ति केंद्र महिलाओं को केवल कानूनी सहायता ही नहीं, बल्कि मानसिक, सामाजिक और आर्थिक सहयोग भी प्रदान करेंगे। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले की महिला पुलिसकर्मी और अधिकारी बेहतर समन्वय के साथ कार्य करते हुए महिला सुरक्षा की दिशा में ठोस कदम उठा सकें।अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने सभी पुलिसकर्मियों से अपेक्षा की कि वे मिशन शक्ति को केवल एक अभियान के बजाय अपनी जिम्मेदारी के रूप में देखें। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।



