
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लखनऊ : किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में सोमवार को जिला प्रशासन और पुलिस के संयुक्त अभियान में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। इस दौरान करीब डेढ़ एकड़ सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया गया, जिसमें लगभग 150 झुग्गियां और अस्थायी निर्माण ध्वस्त किए गए। यह जमीन हाल ही में माध्यमिक शिक्षा विभाग से KGMU को हस्तांतरित की गई थी, जिसका उपयोग विश्वविद्यालय के विस्तार के लिए किया जाएगा।
कार्रवाई का विवरण
सुबह शुरू हुआ यह अभियान भारी पुलिस बल और दो बुलडोजरों की मौजूदगी में कई घंटों तक चला। KGMU प्रशासन ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को चार बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कब्जा नहीं हटाने पर यह कदम उठाया गया। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकारी जमीनों को मुक्त कराने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। जमीन पर बने अधिकांश निर्माण अवैध थे, जिनमें झुग्गियां और कुछ अस्थायी दुकानें शामिल थीं।
छह महीने में दूसरी बड़ी कार्रवाई
KGMU परिसर में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले अप्रैल 2025 में नेत्र रोग विभाग के पीछे एक बीघा जमीन से अवैध मदरसा, दुकानें और अन्य निर्माण हटाए गए थे। उस दौरान डॉक्टरों पर हमले का मामला भी सामने आया था। KGMU प्रशासन ने अब पूरे परिसर का सर्वे कराने का निर्णय लिया है ताकि भविष्य में अतिक्रमण को रोका जा सके।
प्रभावित लोगों की प्रतिक्रिया
कार्रवाई के दौरान कब्जेदारों ने विरोध जताया और पुनर्वास की मांग की। कई लोगों ने कहा, “हमारी रोजी-रोटी छीन ली गई, हमें अब कहां जाना होगा?” हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कोई वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल संभव नहीं है। पुलिस ने बताया कि अभियान शांतिपूर्ण रहा और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
आधिकारिक बयान
KGMU के प्रवक्ता केके सिंह ने कहा, “यह जमीन विश्वविद्यालय के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण है। इसे स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक सुविधाओं के लिए उपयोग किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी की गईं।” डीसीपी साउथ, लखनऊ, ने पुष्टि की कि कार्रवाई में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे और कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।
भविष्य की योजना
KGMU प्रशासन ने बताया कि मुक्त की गई जमीन पर नए प्रशासनिक भवन और चिकित्सा सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। यह कदम KGMU को उत्तर भारत के अग्रणी मेडिकल संस्थानों में और मजबूत करेगा। विश्वविद्यालय ने अन्य अतिक्रमित क्षेत्रों पर भी नजर रखने की बात कही है।




