राजनीतिलखनऊ

लखनऊ में बसपा का भव्य आयोजन

कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर उमड़ा नीला जनसैलाब

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आज नीले रंग में डूबी नजर आई, जहां बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपने संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी की 19वीं पुण्यतिथि के अवसर पर कांशीराम जी स्मारक स्थल पर एक विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। प्रातः 8 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में बसपा सुप्रीमो कुमारी मायावती ने डेढ़ घंटे से अधिक समय तक कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। पार्टी ने दावा किया कि इस रैली में करीब पांच लाख कार्यकर्ता शामिल हुए, जिसने लखनऊ की सड़कों को नीले झंडों, बैनरों और पोस्टरों से जीवंत कर दिया। यह आयोजन 2027 विधानसभा चुनाव के लिए बसपा की तैयारियों का मजबूत संदेश देता है।

आयोजन का विवरण
1.मायावती का संबोधन: वीआईपी रोड, लखनऊ स्थित स्मारक स्थल पर मायावती ने कांशीराम जी को पुष्पांजलि अर्पित की और अपने भाषण में बहुजन सशक्तिकरण, संविधान की रक्षा और आरक्षण के मुद्दों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “बसपा कांशीराम जी के सपनों को साकार करेगी। हम 2027 में फिर सत्ता में आएंगे।” उन्होंने सपा और अन्य दलों पर बहुजन हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।

2.संगठनात्मक ढांचा: रैली के लिए जिलावार और विधानसभावार कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। मेरठ, प्रयागराज, आजमगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों से कार्यकर्ता विशेष बसों से लखनऊ पहुंचे। स्मारक स्थल को नीले बैनरों, फूलों और व्यवस्थित बैठने की व्यवस्था से सजाया गया था।

3.कार्यकर्ताओं की व्यवस्था: रमाबाई अंबेडकर मैदान में 8 अक्टूबर की रात से ही कार्यकर्ताओं के ठहरने का इंतजाम किया गया। हजारों कार्यकर्ताओं ने रातभर डेरा डालकर उत्साह का माहौल बनाया।

4.जनसैलाब: बसपा ने दावा किया कि रैली में पांच लाख से अधिक लोग शामिल हुए। सोशल मीडिया पर 9अक्टूबर_चलो_लखनऊ ट्रेंड ने कार्यकर्ताओं के जोश को उजागर किया, जहां नीले झंडों और उत्साह भरी तस्वीरें वायरल हुईं।

सुरक्षा और यातायात प्रबंधन
रैली की सफलता के लिए लखनऊ पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए। करीब 2,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए कानपुर रोड और आलमबाग-पारा मार्ग पर डायवर्जन लागू किया गया। टेढ़ी पुलिया और पिकेडली तिराहा जैसे वैकल्पिक मार्गों ने यातायात को नियंत्रित रखा।

स्मारक स्थल की विशेषता एवं रैली का राजनीतिक महत्व
लखनऊ के 60 एकड़ में फैला कांशीराम जी स्मारक स्थल, जिसे 2007 में बसपा सरकार ने बनवाया था, बहुजन समाज के लिए प्रेरणा का केंद्र है। हाल के मरम्मत कार्यों के बाद यह पहली बार इतने बड़े आयोजन के लिए पूरी तरह उपयोग में आया। मायावती ने स्मारक के रखरखाव में योगदान के लिए वर्तमान सरकार की सराहना की, साथ ही सपा पर इसे उपेक्षित करने का आरोप लगाया। यह रैली 2021 के बाद मायावती का पहला बड़ा जनसभा आयोजन थी, जिसे बसपा ने अपनी संगठनात्मक ताकत और एकता का प्रदर्शन बताया। राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद और राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। मायावती ने 2027 में “पुराना गौरव वापस लाने” का आह्वान किया, जिसे पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार समर्थन दिया।

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