मुरादाबाद
बेसिक शिक्षा विभाग मुरादाबाद में गहरी होती जा रही भ्रष्टाचार की जड़ें

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कितनी ही हिदायत दे दे चाहें मगर बेसिक शिक्षा विभाग सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। कहीं अधिकारी कमाल कर रहे हैं तो कहीं कर्मचारी ओर शिक्षक। जनपद मुरादाबाद में इस समय बेसिक शिक्षा विभाग का भगवान ही मालिक है। पिछले एक साल में इसमें इस कदर भ्रष्टाचार ओर अनियमितताओ का खेल हुआ है जिससे लगता है कि सिर्फ दाल में ही काला नहीं है पूरी दाल ही काली है। कहीं खंड शिक्षा अधिकारी मनमानी कर रहे हैं तो कहीं जिला समन्वयक खुद को ही विभाग का मालिक बनाने में जुटे हैं। मगर विभाग के मुखिया जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अपनी मौज में व्यस्त हैं उन्हें इन सब बातों से कोई मतलब नहीं। बस कभी लखनऊ जाने को मिल जाए या कभी इलाहाबाद। उनकी नौकरी ऐसे ही चल रही है। कुछ दिन पहले बीएसए की कृपा पात्र एक विवादित महिला खंड शिक्षा अधिकारी को सरकारी धनराशि के रुपयों की हेरफेर में शासन ने निलंबित कर दिया था। तो दूसरी तरफ बेसिक शिक्षा विभाग के लेखा विभाग में एक क्लर्क को विजिलेंस वालों ने रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था ।इसके अलावा PM श्री स्कूलों में सरकार की ओर से आई धनराशि में खंड शिक्षा अधिकारियों ओर बीएसए कार्यालय के कर्मचारियों ने जमकर मलाई काटी। बच्चों को भोजन बांटने वाले एनजीओ के चयन में गंभीर अनियमितता और वसूली की शिकायतें होकर जांच जारी हैं। कहीं स्कूलों के अनुदेशक और टीचर ऑफिस में अटैच कर रखे हैं तो कहीं वसूली गैंग सक्रिय हैं।
कुल मिलाकर अगर कहा जाए तो इस समय मुरादाबाद के बेसिक शिक्षा विभाग का भगवान ही मालिक है… इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि अंधेर नगरी चौपट राजा… सब मिलकर बांटे आधा आधा….
मुरादाबाद बी एस ए के अनमोल रत्न
1- रुपए की हेराफेरी में निलंबित हुई पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी नगर वंदना सैनी
2- रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए देवीदीन बाबू लेखा विभाग
3- वागेश गोयल खंड शिक्षा अधिकारी मुरादाबाद
4- बेसिक शिक्षा अधिकारी मुरादाबाद




