गाजियाबाद

मिशन शक्ति योजना में बड़ी लापरवाही

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

मिशन शक्ति योजना में बड़ी लापरवाही आई सामने उत्तर प्रदेश सरकार की मिशन शक्ति योजना प्रदेश भर में चलाई जा रही है। लोनी थाना ट्रॉनिका सिटी में मिशन शक्ति अभियान-5 के अंतर्गत पत्रकार द्वारा अपनी पुत्री को नियमविरुद्ध रूप से “एक दिन का थाना प्रभारी” बनाए जाने का मामला सामने आया है

लोनी थाना ट्रॉनिका सिटी में दिनांक 25 सितंबर को मिशन शक्ति अभियान-5 के अंतर्गत “एक दिन का थाना प्रभारी” बनाए जाने की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता एवं धोखाधड़ी की गई है।
जहा एक ऐसी युवती को एक दिन का थाना प्रभारी बना दिया गया जो गाजियाबाद पुलिस के सोशल मीडिया द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट में बताए गए विद्यालय की छात्रा ही नहीं थी
विश्वसनीय सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि पत्रकार संतोष चौहान ने अपने प्रभाव और पद का दुरुपयोग करते हुए थाना प्रभारी ट्रॉनिका सिटी से मिलकर अपनी पुत्री को “एक दिन का थाना प्रभारी बनाए जाने का अवसर दिलाया
एक दिन की थाना प्रभारी बनाई गई युवती को थाना प्रभारी ट्रॉनिका सिटी की सरकारी गाड़ी से ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में स्थित विद्यालय से पुलिस नियमावली के अनुसार थाने लाया गया और थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी उस युवती के हस्ताक्षर से थाना ट्रॉनिका सिटी में दो अभियोग पंजीकृत किए गए और पुलिस कर्मियों के अवकाश भी स्वीकृत किए गए
इस प्रकरण में निम्न तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आए हैं—1. संबंधित युवती को “होली चाइल्ड स्कूल” की कक्षा 12 की छात्रा दर्शाया गया, जबकि उक्त विद्यालय केवल कक्षा 10 तक संचालित है।

2. युवती ने सन् 2021 में ही 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी अतः वह छात्रा नहीं है और इस अभियान की पात्रता पर खरी नहीं उतरती।

3. उक्त युवती को प्रोटोकॉल के तहत सरकारी वाहन में बैठाकर “होली चाइल्ड स्कूल से लाए जाने” का झूठा वीडियो बनवाया गया, जिससे यह प्रतीत हो कि वह उसी विद्यालय की छात्रा है।

4. इस पूरी प्रक्रिया में सरकारी संसाधनों का अनुचित उपयोग हुआ और एक योग्य व पात्र छात्रा को इस अवसर से वंचित किया गया।

5. पत्रकार श्री संतोष चौहान और थाना ट्रॉनिका सिटी के थाना प्रभारी एक ही बिल्डिंग में निवास करते हैं तथा आपस में घनिष्ठ मित्र हैं। पत्रकार महोदय प्रायः थाना परिसर, विशेषकर थाना प्रभारी के कार्यालय में देखे जाते हैं। यह तथ्य इस पूरे प्रकरण की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न उठाता है।

6. यह कृत्य न केवल मिशन शक्ति अभियान की गरिमा और उद्देश्य का अपमान है, बल्कि इससे सरकार के महिला सशक्तिकरण प्रयासों की विश्वसनीयता पर भी आंच आई है।

7. एक दिन की थाना प्रभारी ट्रॉनिका सिटी बनी युवती के हस्ताक्षर से थाना ट्रॉनिका सिटी में दो अभियोग पंजीकृत किए गए थे

8. थाना ट्रॉनिका सिटी बनी एक दिन की युवती के हस्ताक्षर से दो पुलिसकर्मियों का अवकाश भी स्वीकृत किया गया
वही स्कूल प्रबंधन ने एक दिन की थाना प्रभारी ट्रॉनिका सिटी बनाई गई युवती को अपने स्कूल की छात्रा होने से स्पष्ट इनकार करते हुए बताया कि यह युवती अपने पिता के साथ उनके विद्यालय पहुंची थी और उसके पिता ने थाना ट्रॉनिका सिटी में कार्यक्रम होने की जानकारी देते हुए स्कूल की छात्राओ को थाने भेजने की बात कही जिसपर स्कूल प्रबंधन ने एक अध्यापिका को चार छात्राओं को अपने स्कूल के वाहन से थाने भेजा थाने में कुछ ही मिनटों के बाद स्कूली बच्चों को वापस भेज दिया
एक दिन की थाना प्रभारी बनने वाली युवती ने उस स्कूल की वर्दी भी नहीं पहनी हुई थी

मिशन शक्ति अभियान महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है, किन्तु इस प्रकार के घटनाक्रम से इसका उद्देश्य कमजोर पड़ रहा है।

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