हापुड़ में आलू उत्पादक किसानों की भूख हड़ताल के समर्थन में उतरे सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव…
बेंगलुरु की उत्कल कंपनी ने कांटेक्ट फार्मिंग पर किसानों से आलू की खेती का करोड़ों रुपया हड़पा..

नेशनल प्रेस टाइम्स , ब्यूरो
भूख हड़ताल पर बैठे धरनारत किसानों को जिला प्रशासन ने जबरन उठाया …
किसान में जबरदस्त आक्रोश ….
हापुड़ (यूपी) – हापुड़ में लोकतंत्र का गला घोंटती तस्वीरे सामने आई हैं । , 5 दिनों से शांतिपूर्ण धरने पर बैठे अर्धनग्न किसानों को प्रशासन ने जबरन हटवाया । प्रशासन ने पुलिसबल की सहायता से जबरन धरना समाप्त करवाते हुए पीड़ित किसानों का धरना समाप्त करवाया । किसानों को धरना स्थल से जबरन भरकर उठाने के लिए एंबुलेंस भी बुलाई गई । बेंगलुरु की उत्कल कंपनी ने आलू किसानों का करोड़ों रुपए ठगा , जिसमें कार्यवाही के लिए पीड़ित किसान जिला अधिकारी के कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे हुए थे । जिला प्रशासन द्वारा मामले में कार्यवाही की अनसुनी करने पर किसान धरने पर बैठ गए थे ।
हापुड़ में पुलिस और प्रशासनिक टीमों ने शांतिपूर्ण धरने पर बैठे किसानों को कलेक्ट्रेट परिसर से जबरन हटा दिया । किसान अपनी आलू की फसल के पेमेंट की मांग को लेकर पांच दिनों से भूख हड़ताल पर थे । इस बीच, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव धरनारत किसानों के समर्थन में सामने आए हैं । अखिलेश यादव ने किसानों के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और भाजपा पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया । उन्होंने कहा कि भाजपा किसानों को उनकी जमीन से बेदखल करना चाहती है ।
आप को बता दें कि आलू भुगतान की मांग को लेकर किसान पांच दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे । पुलिस और प्रशासन की टीम ने कलक्ट्रेट परिसर से किसानों को जबरन हटा दिया है। बेंगलुरु की उत्कल कंपनी ने कांटेक्ट फार्मिंग पर हापुड के किसानों से आलू की खेती कराई थी। किसानों का करोड़ों रुपया लेकर उत्कल कंपनी फरार हो गई है। हापुड के जिला प्रशासन द्वारा धरना स्थल से किसानों को जबरन हटाए जाने से किसान संगठनों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है । उत्कल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने किसानों को आलू का बीज महंगे मूल्य पर उपलब्ध कराया था । उसके बदले में उत्पादन को भी महंगे मूल्य पर खरीदने का भरोसा दिया था। कंपनी के प्रतिनिधि लगातार किसानों के संपर्क में रहे। नवंबर 2024 में हुए इस अनुबंध के तहत कंपनी ने हापुड़ के कनिया कल्याणपुर , बाबूगढ़ और आसपास के गांवों के सैकड़ों किसानों और मेरठ के किसानों को बीज उपलब्ध कराया था । किसानों ने कंपनी के साथ लिखित समझौते किए । उसके बाद फरवरी 2025 में आलू की उपज कंपनी को सौंप दी गई , लेकिन किसानों को कोई भुगतान नहीं किया गया ।
आलू उत्पादक किसान मोहम्मद नदीम अहमद ने बताया कि पिछले पांच दिनों से धरना चल रहा है । तीन दिन से भूख हड़ताल थी । हम अपना हक मांग रहें थे , जो हमने आलू पैदा करके दिया था , उसका पैसा मांग रहें थे। कंपनी हमारा पैसा लूटकर ले गई है। बेंगलुरु की उत्कल कंपनी है। इस मामले में तीन थानों में मुकदमा भी दर्ज है। लेकिन उनमें कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। शुक्रवार की सुबह ठंड में ही जबरन हमारे धरने को खत्म करवाया गया है।



