अवैध फैक्टियों और धुल से बढ़ा प्रदूषण, प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी, गाज़ियाबाद। लोनी क्षेत्र में बढ़ती गंदगी, धूल, रेत और अवैध औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषण ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से चल रही ये फैक्ट्रियाँ लगातार हवा को ज़हरीला बना रही हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, लोनी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) PM 2.5 — 254 और PM 10 — 228 तक पहुँच चुका है, जो “बहुत खराब श्रेणी” (Very Poor Category) में आता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि दीपावली के दिन पटाखों और मौसम के कारण हवा की गुणवत्ता “गंभीर श्रेणी” (Severe Category) में पहुँच सकती है।
इससे आँखों में जलन, खांसी, सांस लेने में कठिनाई, सिरदर्द और गले में खराश जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं।
स्थानीय नागरिक बोले:
“चारों तरफ धूल और धुआँ फैला है, साँस लेना भी मुश्किल हो गया है। बच्चों और बुज़ुर्गों को सबसे ज़्यादा परेशानी हो रही है,” — लोनी निवासी पवन कुमार ने बताया।
चिकित्साधिकारी की सलाह
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोनी के चिकित्साधिकारी डॉ. अजीत चौधरी ने इस दौरान लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा —
> “इस समय घर से बाहर निकलने से पहले मास्क अवश्य पहनें। सुबह-सुबह टहलने से बचें। घरों में एयर प्यूरीफायर या पौधों जैसे तुलसी, मनीप्लांट और एलोवेरा लगाएँ। जिन लोगों को अस्थमा या सांस की बीमारी है, वे दवा नियमित रूप से लें और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।”
नागरिकों के लिए बचाव के उपाय:
घर से बाहर निकलते समय N95 मास्क का प्रयोग करें।
बच्चों, बुज़ुर्गों और बीमार व्यक्तियों को घर के भीतर ही रहने दें।
पटाखों का सीमित उपयोग करें, जिससे वायु प्रदूषण और अधिक न बढ़े।
खिड़कियाँ बंद रखें और कमरों में गीले कपड़े लटकाएँ ताकि धूल न आए।
अधिक मात्रा में पानी पीएँ और हरी सब्जियाँ व फल खाएँ।
डॉक्टरों का कहना है कि प्रशासन को अवैध फैक्ट्रियों और धूल फैलाने वाले स्रोतों पर भी तत्काल कार्यवाही करनी चाहिए, वरना आने वाले दिनों में लोनी में सांस लेना और भी मुश्किल हो जाएगा।


