नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
खैरथल-तिजारा। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट किशोर कुमार ने पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में “जिला स्तरीय पराली सुरक्षा दल” एवं “ब्लॉक स्तरीय पराली सुरक्षा दल” का गठन किया गया है, जो पराली जलाने की हर घटना पर सतर्क निगरानी रखेगा और दोषी किसानों के विरुद्ध कार्रवाई करेगा।
जिला स्तरीय दल की अध्यक्षता संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद करेंगे, जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं उद्यान विभाग के उपनिदेशक सदस्य रहेंगे। वहीं, ब्लॉक स्तरीय दल की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी करेंगे, जिनके साथ थानाधिकारी एवं सहायक कृषि अधिकारी सदस्य रहेंगे।
संयुक्त निदेशक कृषि विजय सिंह ने बताया कि दीपावली के बाद उत्तर एवं मध्य भारत के राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे वायु गुणवत्ता पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा वर्ष 2015 में पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाएं सामने आती हैं।
जुर्माने की दरें
• 2 एकड़ से कम भूमि पर पराली जलाने पर ₹5,000 का जुर्माना
• 2 से 5 एकड़ भूमि पर ₹10,000 का जुर्माना
• 5 एकड़ से अधिक भूमि पर ₹30,000 तक का जुर्माना
वसूली की प्रक्रिया
संयुक्त निदेशक कृषि को सैटेलाइट आधारित रिपोर्ट के अनुसार जिले में पराली जलाने की घटनाओं की अक्षांश-देशांतर (Latitude-Longitude) जानकारी के आधार पर भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट जिला कलेक्टर को भेजनी होगी। इसके पश्चात संबंधित राजस्व अधिकारी दोषी किसानों से एनवायरनमेंटल कम्पेन्सेटरी चार्ज (ECC) की वसूली करेंगे।
कलेक्टर की अपील
कलेक्टर किशोर कुमार ने किसानों से अपील की है कि वे पराली को न जलाएं और इसके स्थान पर कृषि अवशेष प्रबंधन मशीनों, कंपोस्टिंग या फसल अवशेषों के पुनः उपयोग जैसे पर्यावरण हितैषी उपाय अपनाएं।


