
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
खैरथल : तिजारा जिले के भिवाड़ी / खैरथल शहर में प्रदूषण का स्तर अब भी खतरनाक श्रेणी के करीब बना हुआ है। बुधवार 22 अक्टूबर को शाम 6 बजे भिवाड़ी शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 191 दर्ज किया गया, खैरथल शहर का 175 AQI दर्ज किया गया जो अस्वस्थ श्रेणी मे आता है
जानकारों का मानना है कि दीपावली के बाद पटाखों के धुएं ने प्रदूषण स्तर को और बढ़ा दिया है। एनसीआर क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट की ओर से ग्रीन पटाखों की अनुमति मिलने के बावजूद हवा में कणीय पदार्थ (PM2.5 और PM10) की मात्रा अधिक पाई जा रही है। जिले में लगातार बढ़ रहे धूलकण और वाहनों से निकल रहे धुएं व निर्माण कार्यों के कारण भी वायु गुणवत्ता बिगड़ रही है। वायु गुणवत्ता अस्वस्थकर होने का कारण
- पड़ोसी क्षेत्रों में प्रदूषण: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से भिवाड़ी भी प्रभावित हुआ है।
- दिवाली का प्रभाव: हाल ही में दिवाली के दौरान जलाए गए पटाखों से प्रदूषण बढ़ गया, और ग्रीन पटाखों के नियमों का भी ठीक से पालन नहीं किया गया
- स्वास्थ्य पर प्रभाव:
- तत्काल प्रभाव: गले में जलन, साँस लेने में तकलीफ और आँखों में जलन जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
- लंबे समय का प्रभाव: प्रदूषण के खतरनाक स्तर के संपर्क में आने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं।घर के अंदर रहें: जब तक हवा की गुणवत्ता में सुधार न हो, तब तक बाहर जाने से बचें।मास्क का उपयोग: बाहर निकलते समय N95 या KN95 मास्क पहनें।वायु शोधक का उपयोग: घर के अंदर वायु शोधक (एयर प्यूरीफायर) का इस्तेमाल करें हाइड्रेटेड रहें: खूब पानी पिएँ और पौष्टिक भोजन खाएँ।स्वच्छता का ध्यान: नियमित रूप से हाथ धोएँ और आँखों को मलने से बचें।



