
नई दिल्ली । चुनाव आयोग ने देशव्यापी एसआईआर को लेकर बड़ा एलान किया है। चुनाव आयोग के अनुसार, एसआईआर के दूसरे चरण में 12 राज्यों में अभियान चलाया जाएगा। इसमें मतदाता सूची में सुधार, नए मतदाताओं का समावेश और सूची में त्रुटियों का निवारण किया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि एसआईआर का फेज-1 खत्म हो गया है, अब इसका दूसरा चरण शुरू होगा। बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण सफल तरीके से किया गया है। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दूसरे फेज में देश के 12 राज्यों में यह अभियान चलाया जाएगा।
क्या है एसआईआर का उद्देश्य?-विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची में सुधार करना और इसमें नए मतदाताओं का समावेश करना है। इसमें नामों की जांच, पुराने मतदाताओं की पुष्टि, और आवश्यक संशोधन शामिल होंगे। आयोग ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। एसआईआर के तहत मतदाता सूची में त्रुटियों को दूर कर नए मतदाताओं को शामिल किया जाएगा, जिससे चुनावों में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
इन राज्यों में किया जा सकता है एसआईआर-हालांकि, अभी तक पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में 10 से 15 राज्य शामिल होंगे। इनमें ऐसे राज्य होंगे, जहां 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इन राज्यों में तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुद्दुचेरी शामिल हैं। एसआईआर में मतदाता सूची की संपूर्ण समीक्षा की जाएगी और आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। भारतीय निर्वाचन आयोग ने देशभर में एसआईआर अभियान की तैयारियां की तैयारी में है। ईसी के शीर्ष अधिकारियों ने हाल ही में सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक की है।



