बेतुल

बैतूल कलेक्ट्रेट के सामने एनएसयूआई ने किया जंगी प्रदर्शन, पुलिस ने किया वाटर कैनन से प्रहार

 बेरोजगारी–छात्रवृत्ति घोटाला–पीपीपी मेडिकल कॉलेज के विरोध में किया कलेक्ट्रेट घेराव

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। मध्य प्रदेश में बेरोजगारी, बैतूल जिले में छात्रवृत्ति घोटाला और पीपीपी मोड पर बन रहे मेडिकल कॉलेज जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर गुरुवार 30 अक्टूबर को एनएसयूआई ने एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे के नेतृत्व में 500 से अधिक छात्र और एनएसयूआई कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और घेराव किया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की, वाटर कैनन से पानी की बौछार की, लेकिन छात्र पीछे नहीं हटे। एनएसयूआई ने साफ कहा कि भाजपा सरकार छात्र हितों से खिलवाड़ कर रही है और यदि मांगें नहीं मानी गईं तो अब आंदोलन और उग्र होगा।
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा, प्रदेश सचिव समीर खान और एनएसयूआई जिला अध्यक्ष ज़ैद खान के नेतृत्व में छात्रों, एनएसयूआई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बेरोजगारी, छात्रवृत्ति घोटाला, छात्र संघ चुनाव और पीपीपी मोड पर बनाए जा रहे मेडिकल कॉलेज के विरोध में कलेक्ट्रेट का घेराव किया। 500 से अधिक एनएसयूआई कार्यकर्ता और कांग्रेस नेता शहर के विभिन्न इलाकों से रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।
– पुलिस ने पहले बैरिकेडिंग लगाकर रोकने का प्रयास किया
जैसे ही कार्यकर्ताओं ने अंदर जाने की कोशिश की, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोकने का प्रयास किया। स्थिति नियंत्रण से न बिगड़े इसलिए पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार की, लेकिन छात्र पीछे नहीं हटे। छात्र हितों पर हमला बंद करो, बेरोजगारी का हिसाब दो, मेडिकल कॉलेज सरकारी मोड में बनाओ जैसे नारों से पूरा कलेक्ट्रेट क्षेत्र गूंज उठा।
– 70 प्रतिशत स्थानीय रोजगार का दावा पूरी तरह खोखला
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का 70 प्रतिशत स्थानीय रोजगार का दावा पूरी तरह खोखला है। भाजपा सरकार लगातार युवाओं को धोखा दे रही है और सत्ता में आने के बाद से छात्र संघ चुनाव नहीं करवाए हैं क्योंकि उन्हें डर है कि छात्र संगठनों से नया बड़ा राजनीतिक चेहरा उभर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब एनएसयूआई किसी भी कीमत पर छात्रों की आवाज दबने नहीं देगी।
ज़िला अध्यक्ष ज़ैद खान ने कहा कि जेएच कॉलेज में हुए छात्रवृत्ति घोटाले में मुख्य आरोपी सहित प्राचार्य और पूर्व प्राचार्य के खिलाफ निष्पक्ष जांच समिति बैठाई जाए और कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन सभी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो एनएसयूआई जिलेभर में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
– यह थी प्रमुख मांगे
प्रदर्शन के दौरान प्रमुख मांगें थीं कि छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं, पीपीपी मोड पर बन रहे मेडिकल कॉलेज को पूर्ण रूप से शासकीय मोड में बनाया जाए, जेएच कॉलेज छात्रवृत्ति घोटाले में दोषियों पर कार्रवाई हो, जर्जर सरकारी स्कूलों की मरम्मत तत्काल कराई जाए, शासकीय विभागों में नई भर्तियां हों और जिले में नए उद्योग स्थापित किए जाएं ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा, प्रदेश सचिव समीर खान और जिलेभर के एनएसयूआई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कई वर्षों बाद जिले में इस तरह का विशाल छात्र आंदोलन देखने को मिला, जिसमें जिले के ब्लॉक स्तर तक के कार्यकर्ताओं ने दमदार उपस्थिति दर्ज कराई और कलेक्ट्रेट पर आंदोलनकारी शक्ति का प्रदर्शन किया।
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