बागपत
“शिक्षा से ही समाज का उत्थान संभव है”
डॉ. सोहनवीर सिंह, अर्थशास्त्र प्रवक्ता एवं विश्व हिंदू महासंघ के महासचिव

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बागपत । वर्तमान समय में जब शिक्षा को केवल रोजगार से जोड़कर देखा जाने लगा है, वहीं कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं जो इसे समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण का माध्यम मानते हैं। ऐसे ही प्रेरक व्यक्तित्व हैं — डॉ. सोहनवीर सिंह, अर्थशास्त्र प्रवक्ता (KHR इंटर कॉलेज खामपुर लुहारी, बागपत) और विश्व हिंदू महासंघ के महासचिव।
डॉ. सोहनवीर सिंह ने पांच विषयों — अर्थशास्त्र, अंग्रेज़ी, राजनीति विज्ञान, इतिहास और समाजशास्त्र — में एमए प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण किया है तथा बी.एड. की उपाधि भी प्राप्त की है। शिक्षा के प्रति उनका समर्पण और विचारधारा दोनों ही अनुकरणीय हैं।
शिक्षा का उद्देश्य — चरित्र निर्माण
इंटरव्यू के दौरान डॉ. सोहनवीर सिंह ने कहा —
“मेरे लिए शिक्षा का अर्थ सिर्फ परीक्षा में अंक लाना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक और सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण करना है। जब विद्यार्थी अपने संस्कारों, संस्कृति और समाज के प्रति उत्तरदायी बनता है, तभी राष्ट्र सशक्त होता है।”
ग्रामीण शिक्षा पर फोकस
उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाकों के छात्र प्रतिभा में किसी से कम नहीं हैं, जरूरत सिर्फ सही मार्गदर्शन की है।
> “मैं चाहता हूं कि गांवों के बच्चों तक भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे। यही कारण है कि मैं ग्रामीण विद्यालय में रहकर पढ़ाने का गर्व महसूस करता हूं।”
धार्मिक व सांस्कृतिक समरसता का संदेश
विश्व हिंदू महासंघ के महासचिव के रूप में डॉ. सोहनवीर सिंह का कहना है कि धर्म का अर्थ विभाजन नहीं, बल्कि एकता और सद्भाव है।
“हिंदू धर्म विश्व की सबसे प्राचीन और वैज्ञानिक संस्कृति है। हमें इसे कट्टरता से नहीं, बल्कि कर्म और करुणा से समझाना चाहिए। हमारी पहचान सेवा और संस्कार से बनती है।”
भविष्य की योजना
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य शिक्षा और सामाजिक चेतना को एक साथ जोड़ना है।
“मैं चाहता हूं कि शिक्षा में रोजगार के साथ-साथ संस्कार का भी समावेश हो। आने वाली पीढ़ी को सिर्फ नौकरी नहीं, नेतृत्व के लिए तैयार करना है।”
अंत में उन्होंने युवाओं से अपील की —
“मोबाइल और सोशल मीडिया से थोड़ा समय निकालकर किताबों और समाज के प्रति जिम्मेदारी की ओर लौटिए। देश को आपकी ऊर्जा, आपकी सोच और आपकी निष्ठा की जरूरत है



