गुंजन संस्था द्वारा आयोजित हुआ हास्य कवि सम्मेलन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी । साहित्यिक संस्था गुंजन द्वारा डिजिटल मंच पर अंतरराष्ट्रीय हास्य कवि सम्मलेन का आयोजन हुआ Iकार्यक्रम की शुरुआत निहारिका की गणेश वंदना तथा डॉ कृष्ण बाबू द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। गुंजन की अध्यक्षा डॉ दीपा गुप्ता ने सभी का स्वागत करते हुए कार्यक्रम का संचालन किया I दिल्ली से प्रख्यात कवि एडमिरल नूर ने अपने चुटकीले अंदाज़ में ‘कभी न बोले ऐसे जुमले सामने बेगम के’ के द्वारा बेगम और शौहर की प्यारी नोंक झोंक ,कनाडा से भारती शर्मा ने ‘चाँद की चाँदनी ‘ कविता से भावनाओं की शबनम से सराबोर किया,जालंधर से ज्योति शर्मा ने ‘नाम में क्या रखा है ‘वीरेन्द्र रॉय ने ‘बारिशे’ व् शादी कर मत पछताना’,डॉ हर नेक गिल ने ‘तुम्हारी कठोरता , तुम्हारी निर्ममता ‘ द्वारा रिश्तों का खोखलापन प्रस्तुत किया ,डॉ मधुबाला कुशवाहा ने शिक्षक और विद्यार्थी के बीच की प्यारी नोक-झोंक ‘फिर भी मेरे मन को बहुत ही लुभाते हो’ प्रस्तुत की,तत्पश्चात मीनाक्षी घोष ने ‘मॉनिटर ‘द्वारा बाल मन के तारों को छेड़ा,अध्यक्ष अवधी साहित्य संस्थान अमेठी डॉ अर्जुन पांडेय ने सुन्दर सुरों में सजाकर सुनाया ‘तुम्हारी कसम मैं तुम्हारा नही हूं,भटकती लहर हूं किनारा नही हूं’।निहारिका ने पढ़ा ‘डरने की क्या बात है’ डॉ राजकुमार ने उत्साह वर्धक प्रस्तुति दी ,डॉ दीपा गुप्ता ने ‘मुस्कुराती क्यों थी’ द्वारा एक प्रेमी के जज्बातों को सुन्दर हास्य का पुट दिया I
अंत में डॉ मधुबाला कुशवाहा ने कवियों द्वारा प्रस्तुत कविताओं की समीक्षा करते हुए सभी कवि एवं साहित्यकारों को कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए कृतज्ञता ज्ञापित की I

